आत्महत्या के संकट संकेतों की पहचान के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला 11 सितंबर को
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे। महाराष्ट्र मानसिक स्वास्थ्य (शासकीय संस्था) की ओर से 11 सितंबर को एक दिवसीय ‘आत्महत्या प्रतिबंधक नियंत्रक प्रशिक्षण कार्यशाला’ का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला पाषाण स्थित महाराष्ट्र मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में आयोजित होगी। संस्थान के सहयोगी प्राध्यापक डॉ. प्रफुल्ल कापसे ने यह जानकारी दी।
कार्यशाला का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ आत्महत्या के जोखिम के संकेतों को समय रहते पहचानना और संकटग्रस्त व्यक्ति को उचित सहायता से जोड़ने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना है। प्रशिक्षण के दौरान मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समझ विकसित करने, समय पर हस्तक्षेप करने तथा संकट के समय व्यक्ति को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के बारे में मार्गदर्शन दिया जाएगा।
स्वयंसेवकों से स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों तक भागीदारी
प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं प्राध्यापकों, स्वास्थ्य क्षेत्र के पेशेवरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मनोवैज्ञानिकों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ जरूरतमंद लोगों को सहायता देने के इच्छुक नागरिक भी भाग ले सकेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान आत्महत्या रोकथाम से जुड़े आवश्यक कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान, उचित हस्तक्षेप और संकटग्रस्त व्यक्ति को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के उपाय बताए जाएंगे।
कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों, पेशेवरों और विभिन्न संस्थाओं से संपर्क एवं संवाद का अवसर भी मिलेगा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
कार्यशाला में भाग लेने के लिए पूर्व पंजीकरण आवश्यक है। संस्थान की ओर से समाज के अधिक से अधिक नागरिकों से इस प्रशिक्षण में सहभागी बनने की अपील की गई है।


