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हिंजवड़ी की समस्याओं के समाधान के लिए हाई पावर कमेटी की पहली बैठक संपन्न

हिंजवड़ी की समस्याओं के समाधान के लिए हाई पावर कमेटी की पहली बैठक संपन्न

 

हिंजवड़ी आईटी पार्क क्षेत्र की आंतरिक सड़कों के लिए 426 करोड़ रुपये मंजूर; एमआईडीसी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

 

ट्रैफिक जाम, मेट्रो लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, पानी, सार्वजनिक परिवहन और बुनियादी सुविधाओं पर जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने दिए निर्देश

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे, :  हिंजवड़ी आईटी पार्क क्षेत्र में बढ़ती ट्रैफिक समस्या, खराब आंतरिक सड़कों, मेट्रो कनेक्टिविटी, सार्वजनिक परिवहन, पानी की आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर उच्चस्तरीय हाई पावर कमेटी की पहली बैठक जिलाधिकारी कार्यालय में हुई।

 

जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने बताया कि हिंजवड़ी आईटी पार्क क्षेत्र की आंतरिक सड़कों के विकास के लिए 426 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया गया है। उन्होंने महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। जिन स्थानों पर ट्रैफिक जाम की समस्या अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू करने को भी कहा गया।

 

बैठक में विधायक शंकर मांडेकर, विधायक बाबाजी काले, अपर जिलाधिकारी सतीश राऊत, निवासी उपजिलाधिकारी ज्योति कदम, पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के यातायात विभाग के उपायुक्त विक्रांत देशमुख सहित हिंजवड़ी, मान और वारुंजी गांवों के नागरिक उपस्थित रहे।

 

बैठक में केवल सड़क मरम्मत के बजाय मेट्रो, सार्वजनिक परिवहन, पैदल यात्रियों, साइकिल और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को जोड़कर एकीकृत परिवहन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया। मेट्रो स्टेशनों से आईटी कंपनियों, आवासीय सोसायटियों और स्थानीय गांवों तक सुरक्षित और सुविधाजनक पहुंच के लिए संपर्क मार्ग और परिवहन सुविधाओं का नेटवर्क विकसित करने का प्रस्ताव है।

 

हिंजवड़ी क्षेत्र में मेट्रो स्टेशनों से कनेक्टिविटी के लिए करीब 19.1 किलोमीटर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सड़कों के विकास का प्रस्ताव है। इसमें पीएमआरडीए क्षेत्र की करीब 7.225 किलोमीटर और एमआईडीसी क्षेत्र की करीब 11.974 किलोमीटर सड़कें शामिल हैं।

 

इन सड़कों के विकास में फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, टैक्टाइल पाथ, सुरक्षित सड़क क्रॉसिंग, स्ट्रीट लाइट और दिशासूचक बोर्ड जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। दिव्यांग नागरिकों के लिए भी इन मार्गों को सुविधाजनक बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

 

मेट्रो के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बस स्टॉप, शटल/फीडर बस, ऑटो स्टैंड, बस-बे और सार्वजनिक साइकिल शेयरिंग जैसी सुविधाओं पर भी विचार किया जा रहा है। मेट्रो स्टेशनों के आसपास पार्किंग व्यवस्था विकसित कर सड़क किनारे अवैध पार्किंग से होने वाले जाम को कम करने का प्रयास किया जाएगा।

 

सड़क विकास के दौरान बारिश के पानी की निकासी, पानी और सीवेज पाइपलाइन, बिजली एवं ऑप्टिकल फाइबर केबल के लिए अलग यूटिलिटी कॉरिडोर तथा गैस पाइपलाइन के लिए आवश्यक स्थान का भी नियोजन किया जाएगा, ताकि भविष्य में बार-बार सड़क खोदने की जरूरत न पड़े।

 

हिंजवड़ी, मान और वारुंजी गांवों के छह डीपी रोड के विकास के लिए पीएमआरडीए को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को ध्यान में रखते हुए सड़क, पैदल यात्री सुविधाओं, साइकिल मार्ग और सार्वजनिक परिवहन का एकीकृत नियोजन करने को कहा गया।

 

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वैज्ञानिक तरीके से तत्काल ट्रैफिक अध्ययन कराने के निर्देश भी दिए गए। हिंजवड़ी में ट्रांजिट हब विकसित करने की दिशा में प्रयास करने और पीएमपीएमएल डिपो के लिए उपलब्ध जमीन के साथ अन्य वैकल्पिक स्थानों की संभावनाओं पर रिपोर्ट देने को कहा गया।

 

हिंजवड़ी क्षेत्र में पानी की स्थायी समस्या के समाधान के लिए मुलशी बांध से पानी उपलब्ध कराने को लेकर टाटा कंपनी के साथ चर्चा चल रही है। क्षेत्र की बढ़ती आबादी और आईटी पार्क की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए दीर्घकालीन जलापूर्ति योजना पर भी जोर दिया गया।

 

बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए महावितरण के नए उपकेंद्र के लिए आवश्यक जमीन को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा नागरिकों के लिए खेल मैदान, सांस्कृतिक केंद्र और हरित सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराने के लिए भी संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

 

कचरा प्रबंधन के तहत हिंजवड़ी क्षेत्र के कचरे का निपटारा पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका के माध्यम से किया जाएगा। हिंजवड़ी से सटे ग्राम पंचायत क्षेत्रों का कचरा संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा महानगरपालिका के सुविधा केंद्र तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से घंटागाड़ी उपलब्ध कराई जाएगी।

 

हिंजवड़ी क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पुलिस विभाग द्वारा एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक फंड उपलब्ध कराया जाएगा।

 

आंतरिक सड़कों पर ट्रैफिक जाम कम करने के लिए सुबह और शाम के व्यस्त समय में निर्माण सामग्री ले जाने वाले भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। संबंधित विभागों को इस निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी अगले सप्ताह हिंजवड़ी क्षेत्र का प्रत्यक्ष दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार तत्काल कार्रवाई शुरू कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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