
बदलते समय की जरूरत के अनुरूप डी. वाई. पाटील समूह का स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य सराहनीय : उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे,। पिंपरी-चिंचवड़ केवल औद्योगिक नगरी ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के विकास का ‘ग्रोथ इंजन’ है। ऐसे में इस शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था का सक्षम और आधुनिक होना बेहद जरूरी है। बदलते समय की जरूरत को समझते हुए डी. वाई. पाटील समूह द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में शुरू किए गए विभिन्न उपक्रम सराहनीय हैं। इन कार्यों के लिए शासन की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। यह आश्वासन उपमुख्यमंत्री एवं पुणे जिले की पालकमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने दिया।
डी. वाई. पाटील मेडिकल कॉलेज में बहुअंग प्रत्यारोपण केंद्र, माता एवं शिशु देखभाल विभाग के ‘आई व गोकुल’, कृत्रिम गर्भाधान केंद्र तथा एंडोस्कोपी केंद्र का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के हाथों किया गया। इस अवसर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर, महाविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. डी. पाटील, प्रति-कुलपति डॉ. भाग्यश्री पाटील, डॉ. सोमनाथ पाटील, डॉ. एन. जे. पवार, डॉ. स्मिता जाधव, ट्रस्टी यशराज पाटील सहित चिकित्सक, विद्यार्थी, कर्मचारी और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य उपस्थित थे।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि डी. वाई. पाटील की दूरदृष्टि और डॉ. पी. डी. पाटील के प्रयासों से खड़ा हुआ शैक्षणिक एवं चिकित्सा क्षेत्र आज हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा और लाखों मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। स्वास्थ्य प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्वास्थ्य सेवा केवल सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। इसी भावना के साथ डी. वाई. पाटील समूह का कार्य जारी है, जो प्रशंसनीय है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का अर्थ केवल अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध होना नहीं है। इसमें सटीक निदान, उचित उपचार, अनुसंधान, प्रशिक्षण, मरीजों की काउंसलिंग और मानवीय संवेदनाओं के साथ सेवा—इन सभी का समन्वय जरूरी है।
डी. वाई. पाटील मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में आधुनिक सुविधाओं, स्वच्छता और व्यवस्थित व्यवस्था के साथ मरीजों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। यहां बड़ी संख्या में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। चिकित्सा तकनीक में हो रहे बदलावों को अपनाते हुए विभिन्न गंभीर बीमारियों के लिए आधुनिक उपचार उपलब्ध कराना उल्लेखनीय है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कई परिवारों के लिए बीमारी से अधिक उसके इलाज का खर्च चिंता का विषय होता है। ऐसे में सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचना आवश्यक है। आयुष्मान भारत, महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना, पूर्व सैनिक स्वास्थ्य योजना तथा राज्य कर्मचारी बीमा योजना जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए डी. वाई. पाटील अस्पताल में स्वतंत्र व्यवस्था होने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक उपचार और आम नागरिकों को किफायती स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के बीच संतुलन बनाना आज की आवश्यकता है। मरीजों का समय और पैसा बर्बाद न हो, यही स्वास्थ्य सेवा की सही दिशा होनी चाहिए।
इस अवसर पर मराठी साहित्य परिषद द्वारा डॉ. पी. डी. पाटील को अध्यक्ष चुने जाने पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने उनका अभिनंदन किया।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकार प्रतिबद्ध : प्रकाश आबिटकर
सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने कहा कि डी. वाई. पाटील मेडिकल कॉलेज द्वारा भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शुरू किए गए बहुअंग प्रत्यारोपण केंद्र, ‘आई व गोकुल’, कृत्रिम गर्भाधान केंद्र और एंडोस्कोपी केंद्र से पुणे सहित महाराष्ट्र और राज्य के बाहर के मरीजों को भी बड़ी राहत मिलेगी। इन केंद्रों के माध्यम से महत्वपूर्ण और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि डी. वाई. पाटील समूह का स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य अत्याधुनिक स्तर का है। आम नागरिकों को सरकारी और निजी अस्पतालों में अधिक से अधिक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है। महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के तहत विभिन्न बीमारियों के मरीजों को बड़ी संख्या में नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने वाले डी. वाई. पाटील अस्पताल का कार्य अन्य संस्थाओं के लिए भी प्रेरणादायक है।
मंत्री आबिटकर ने कहा कि स्वर्गीय डी. वाई. पाटील की विरासत को अगली पीढ़ी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ा रही है।
कार्यक्रम की प्रस्तावना डॉ. भाग्यश्री पाटील ने रखी। उन्होंने डी. वाई. पाटील विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक हुई प्रगति का आकलन प्रस्तुत किया तथा विश्वविद्यालय और अस्पताल की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न उपक्रमों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक, विद्यार्थी, चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य उपस्थित रहे।



