
शिक्षकों के व्यावसायिक मानकों पर राज्यस्तरीय कार्यशाला संपन्न
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे। शिक्षकों में राष्ट्रीय व्यावसायिक मानकों (NPST) के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा बदलते शैक्षणिक परिवेश में उनकी क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से 10 एवं 11 सितंबर को पुणे स्थित महाराष्ट्र राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के परिसर में राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) के शिक्षक एवं प्राध्यापक शामिल हुए।
कार्यशाला में एससीईआरटी महाराष्ट्र की संयुक्त निदेशक डॉ. कमलादेवी आवटे, उप निदेशक (प्री-सर्विस विभाग) अरुणा यादव, सहायक निदेशक (प्री-सर्विस विभाग) बालकृष्ण वाटरकर तथा स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के प्रमुख डॉ. एंटनी नेलिसरी उपस्थित रहे।
कार्यशाला का आयोजन स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। संस्था व्यावसायिक विकास, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया के माध्यम से भारत की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्य करती है।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक फॉर टीचर्स (NPST) के ढांचे, उसके उद्देश्य, संरचना और प्रमुख घटकों की जानकारी दी गई। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शिक्षक क्षमता, निरंतर व्यावसायिक विकास, मार्गदर्शन, मूल्यांकन और करियर प्रगति में व्यावसायिक मानकों की भूमिका पर चर्चा की गई।
कार्यशाला का संचालन करते हुए डॉ. कमलादेवी आवटे ने कहा कि राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक शिक्षकों को अध्यापन की गुणवत्ता और व्यावसायिकता में सुधार के लिए आवश्यक ढांचा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं DIET के प्राध्यापकों को इन मानकों की समान समझ विकसित करने तथा शिक्षक शिक्षा और व्यावसायिक विकास में उनकी भूमिका पर विचार करने का अवसर देती हैं।
अरुणा यादव ने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से DIET के प्राध्यापकों को NPST से जुड़ने तथा व्यावसायिक विकास एवं मूल्यांकन से संबंधित इसके विभिन्न क्षेत्रों, क्षमताओं और महत्व को समझने का अवसर मिला।
स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन के प्रमुख डॉ. एंटनी नेलिसरी ने कहा कि कार्यशाला ने DIET के प्राध्यापकों को NPST को समझने और शिक्षकों से अपेक्षित व्यावसायिक प्रदर्शन पर विचार करने के लिए प्रभावी मंच प्रदान किया। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक क्षमताओं के प्रति जागरूकता और समझ शिक्षक विकास तथा निरंतर व्यावसायिक शिक्षा पर होने वाले संवाद का महत्वपूर्ण आधार है।



