
UPI MDR: 15 अक्टूबर से पहले ग्राहकों और दुकानदारों को जाननी होंगी ये बातें
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान नई दिल्ली
नई दिल्ली। UPI के जरिए भुगतान करने वाले ग्राहकों और भुगतान स्वीकार करने वाले दुकानदारों के लिए 15 अक्टूबर से जुड़े MDR (Merchant Discount Rate) को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रावधान बताए गए हैं। ग्राहकों के लिए UPI भुगतान सामान्य रूप से मुफ्त रहेगा, जबकि चुनिंदा बड़े मूल्य के कारोबारी लेन-देन पर MDR लागू होगा।
ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा MDR का बोझ
UPI से परिवार और दोस्तों को पैसे भेजना पूरी तरह मुफ्त रहेगा। दुकानों, स्थानीय बाजारों और स्ट्रीट वेंडरों को QR कोड के जरिए भुगतान करने पर भी ग्राहक से अलग से MDR नहीं लिया जाएगा। दुकानदार MDR की राशि ग्राहक से वसूल नहीं कर सकेंगे।
दुकानदारों के लिए क्या बदलेगा
₹2,000 तक के UPI भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। इसके तहत करीब 96 प्रतिशत UPI लेन-देन शुल्क-मुक्त रहने की बात कही गई है।
स्ट्रीट वेंडर, छोटी दुकानें और छोटे कारोबार, जिन्हें UPI QR के माध्यम से बैंक खाते में हर महीने ₹1 लाख तक प्राप्त होते हैं, उन्हें भी MDR का भुगतान नहीं करना होगा।
₹2,000 से अधिक के चुनिंदा UPI कारोबारी लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। वहीं ₹75,000 या उससे अधिक के लेन-देन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेन-देन बताई गई है।
जरूरी सेवाओं के लिए अलग व्यवस्था
ईंधन, शिक्षा, बीमा, रेलवे, टेलीकॉम तथा बिजली, पानी और पाइप वाली प्राकृतिक गैस जैसी आवश्यक सेवाओं में ₹2,000 से कम के भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर प्रत्येक लेन-देन के लिए ₹5 MDR लागू होने की बात कही गई है।
ग्राहकों के लिए मुख्य बात
UPI से भुगतान करने वाले आम ग्राहकों को अपने भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क देने की जरूरत नहीं होगी। MDR मुख्य रूप से भुगतान स्वीकार करने वाले कारोबारी पक्ष से संबंधित शुल्क है और इसकी वसूली ग्राहक से अलग से नहीं की जानी चाहिए।



