
पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मिलिंद संपगांवकर ने निर्दलीय नामांकन दाखिल किया
स्नातक युवाओं को न्याय दिलाने का संकल्प : मिलिंद संपगांवकर
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के लिए मिलिंद भरत संपगांवकर ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान उनके सैकड़ों समर्थक, सहयोगी और शुभचिंतक मौजूद रहे।
संपगांवकर ने दावा किया कि पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के पांचों जिलों में 88 हजार से अधिक स्नातक मतदाताओं का उन्हें समर्थन प्राप्त है और उन्हें अपनी जीत का पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित होने के बाद वे केवल विधानसभा के सत्र या चुनाव तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हर तीन महीने में प्रत्येक जिले में स्नातक सम्मेलन आयोजित कर मतदाताओं की समस्याओं को सीधे समझेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्नातक युवा बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, आईटी क्षेत्र के कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों, रोजगार के अधिकार और कंपनियों द्वारा संभावित अन्याय जैसी कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षित और सक्षम प्रतिनिधि की आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे विधान परिषद में स्नातकों की आवाज मजबूती से उठाकर उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे।
विकसित पश्चिम महाराष्ट्र का संकल्प
संपगांवकर ने शिक्षा, उद्योग, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, सहकारिता, पर्यटन, कौशल विकास और रोजगार सृजन को केंद्र में रखते हुए व्यापक विकास का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अपना वचननामा भी जारी किया।
हर जिले में आधुनिक गोदाम और शीतगृह
उन्होंने कहा कि पश्चिम महाराष्ट्र के किसानों को अपनी उपज का उचित भंडारण नहीं होने के कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए प्रत्येक जिले में आधुनिक गोदाम, शीतगृह और कृषि भंडारण व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रयास किया जाएगा। साथ ही कृषि उपज आधारित प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा।
पुणे के बाहर आईटी क्षेत्र का विस्तार
आईटी क्षेत्र में रोजगार के अवसर केवल पुणे तक सीमित न रहें, इसके लिए सातारा, सांगली, कोल्हापुर और सोलापुर में भी आईटी कंपनियों के कार्यालय और विकास केंद्र शुरू हों, इस दिशा में विशेष नीतिगत प्रयास करने की बात उन्होंने कही।
प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए ठोस भूमिका
MPSC, UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष प्रयास करने का आश्वासन दिया। पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता और विद्यार्थियों के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ कड़े कदम तथा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के लिए सरकार के समक्ष प्रभावी तरीके से मुद्दा उठाने की बात कही।
किलों के संरक्षण से पर्यटन और रोजगार
पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के ऐतिहासिक किलों के संरक्षण और उन्हें विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के किलों को केवल ऐतिहासिक धरोहर के रूप में नहीं, बल्कि संरक्षण, पर्यटन विकास और स्थानीय रोजगार सृजन को जोड़कर देखा जाना चाहिए।
‘सभी के लिए सहज उपलब्ध रहने वाला विधायक चाहिए’
संपगांवकर ने कहा कि स्नातक मतदाताओं के बीच यह भावना अक्सर सामने आती है कि निर्वाचित होने के बाद आमदार आसानी से उपलब्ध नहीं होते। उन्होंने कहा कि वे सामान्य स्नातक मतदाताओं के लिए हमेशा सहज और सुलभ रहने वाले आमदार के रूप में काम करेंगे और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता से उठाएंगे।



