
पुणे बंद की भूमिका पर बोले निरंजन डावखरे, कहा- ‘पुणेकर ही देंगे जवाब’
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे : महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा पद्धति सहित विभिन्न मांगों को लेकर पुणे के अहिल्या अभ्यासिका में पिछले पांच दिनों से आंदोलन कर रहे प्रतियोगी परीक्षा के विद्यार्थियों से विधान परिषद सदस्य निरंजन डावखरे ने मंगलवार को मुलाकात की। उन्होंने विद्यार्थियों की मांगों को लेकर सरकार के सकारात्मक रुख का दावा करते हुए कहा कि उनकी मांगों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
डावखरे ने कहा कि अधिवेशन के दौरान प्रतियोगी परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के मुद्दे लगातार उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री के साथ विद्यार्थियों की कई घंटे बैठकें भी हुई हैं। उनके अनुसार, विद्यार्थियों की लगभग सभी मांगें मान ली गई हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई अन्य मांग है तो उसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए वे आंदोलन स्थल पर आए हैं।
MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग पर सवाल
MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग पर डावखरे ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह मांग वास्तव में विद्यार्थियों की है या इसके जरिए कुछ लोग राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं, यह देखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि MPSC अध्यक्ष का पद संवैधानिक पद है और उनके संबंध में कार्रवाई के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को आंदोलन के नाम पर परेशानी में डालकर अराजक स्थिति पैदा करने का प्रयास हो रहा है या नहीं, इस पर भी विचार किया जाना चाहिए।
रोहित पवार पर साधा निशाना
आंदोलन को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार पर निशाना साधते हुए डावखरे ने कहा, “पुणे हमेशा सभी को दिशा देने का काम करता है। यदि पुणे बंद करने की भूमिका ली जा रही है तो पुणेकर ही बताएंगे कि वे ऐसे लोगों को कैसे बंद करेंगे। पुणे से कोई पंगा न ले, यह मेरा मैत्रीपूर्ण सुझाव है।”
उन्होंने कहा कि रोहित पवार स्वयं विधायक हैं और मुख्यमंत्री से मिलकर विद्यार्थियों की समस्याएं रख सकते हैं। विधानसभा और विधान परिषद के अधिवेशन में भी इन मुद्दों को उठाया जा सकता है। विधायक के रूप में जनप्रतिनिधियों के पास अपनी बात रखने के कई संवैधानिक माध्यम उपलब्ध हैं।
अहिल्या अभ्यासिका में जारी आंदोलन में प्रतियोगी परीक्षा के विद्यार्थी MPSC की परीक्षा वस्तुनिष्ठ (Objective) पद्धति से आयोजित करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।



