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जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने बनारसी दास स्थित वाल्मीकि मंदिर में महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ

जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने बनारसी दास स्थित वाल्मीकि मंदिर में महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का किया शुभारंभ

 

भजन-कीर्तन एवं रामायण पाठ से भक्तिमय हुआ वातावरण, सायंकाल शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली जाएगी भव्य शोभायात्रा

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान औरैया उत्तर प्रदेश 

औरैया । महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर जनपद औरैया के शहर स्थित बनारसी दास क्षेत्र के वाल्मीकि मंदिर में आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने पहुंचकर महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों, विचारों तथा भारतीय संस्कृति में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया।

 

कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा एवं भक्तिभाव का वातावरण रहा। आयोजकों द्वारा महर्षि वाल्मीकि के जीवन, उनके आध्यात्मिक व्यक्तित्व तथा भारतीय साहित्य को दिए गए अमूल्य योगदान के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम आयोजक ने बताया कि मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन एवं रामायण पाठ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालु भक्तिभाव के साथ सहभागिता कर रहे हैं। रामायण पाठ एवं भजनों के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, सत्य, धर्म और लोककल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

 

महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि के रूप में जाना जाता है। उनके द्वारा रचित रामायण भारतीय साहित्य एवं संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। रामायण में वर्णित आदर्श जीवन-मूल्य, कर्तव्यनिष्ठा, सामाजिक समरसता, त्याग, सेवा एवं धर्म के सिद्धांत आज भी समाज को सही दिशा प्रदान करते हैं। महर्षि वाल्मीकि का जीवन इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि व्यक्ति अपने विचारों, ज्ञान एवं सत्कर्मों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।

 

आयोजक ने यह भी बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत सायंकाल एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। शोभायात्रा के माध्यम से महर्षि वाल्मीकि के विचारों, उनके आध्यात्मिक एवं साहित्यिक योगदान तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया जाएगा। इस आयोजन में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की सहभागिता से धार्मिक उत्साह और सामाजिक एकता का वातावरण निर्मित होने की अपेक्षा है।

उक्त अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर ब्रह्मानंद, आयोजक मंडल के सदस्य सहित भारी संख्या में आमजन आदि उपस्थित रहे।

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