
इटावा में पिता की हत्या का खुलासा, नाबालिग बेटी और उसका प्रेमी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप; घटना में प्रयुक्त सिलबट्टे का बट्टा, चाकू और कपड़े बरामद
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान इटावा उत्तर प्रदेश
इटावा,। इटावा के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में मृतक की नाबालिग बेटी और उसके 21 वर्षीय प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बताया गया सिलबट्टे का बट्टा, एक चाकू और रक्तरंजित कपड़े बरामद करने की जानकारी दी है।
पुलिस के मुताबिक, 25 अक्टूबर को काजल पत्नी अजय कठेरिया निवासी भीकनपुर, थाना जसवंतनगर ने थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता श्यामसुंदर कठेरिया और बहन पूजा काशीराम कॉलोनी स्थित टीबीटी अस्पताल के पास एक कमरे में रहते थे। पिछले दो-तीन दिनों से संपर्क नहीं होने पर वह अपने ससुर के साथ वहां पहुंचीं। कमरे में उनके पिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला, जबकि उनकी बहन लापता थी।
इस मामले में थाना सिविल लाइन पर मुकदमा संख्या 181/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 238 में मुकदमा दर्ज किया गया।
पूछताछ के आधार पर पुलिस ने किया खुलासा
पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, एसओजी, सर्विलांस और थाना सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम 26 अक्टूबर को ग्वालियर तिराहे पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम सराय एसर के चेक रोड के पास से नाबालिग बालिका और अभिलाष सिंह उर्फ छोटू उर्फ माचो निवासी मातनटोला, अहेरीपुर, थाना बकेवर को गिरफ्तार किया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सामने आया कि बालिका के पिता को उसके प्रेम संबंध की जानकारी हो गई थी और वह इसका विरोध करते थे। पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के चलते दोनों ने कथित तौर पर मिलकर हत्या की साजिश रची। पुलिस ने दावा किया कि वारदात के बाद साक्ष्य छिपाने का प्रयास भी किया गया।
साक्ष्य छिपाने का भी आरोप
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद शव को कंबल में लपेटकर बक्से में छिपाया गया और मृतक का मोबाइल फोन नाले में फेंक दिया गया। मामले में बरामदगी और गिरफ्तारी के बाद दर्ज मुकदमे में बीएनएस की धारा 3(5) भी बढ़ाई गई है।
पुलिस ने बताया कि कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर बबिता सिंह के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में एसओजी, सर्विलांस और थाना सिविल लाइन पुलिस की टीमें शामिल रहीं।
नोट: मामले में नाबालिग बालिका की पहचान गोपनीय रखी गई है। आरोपों और पुलिस के दावों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।



