
कम पानी वाली फसलों के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए – कृषि उत्पादन आयुक्त
कलेक्टर्स किसान संगठनों के साथ बैठक कर फसल बीमा की शिकायतों का समाधान करें
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान मऊगंज मध्यप्रदेश
मऊनगंज सभी जिले किसानों को फसलों की ऐसी के लिए प्रोत्साहित करें जो कम पानी में भी बंपर उत्पादन देती हों। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक किसानों को इसके बारे में जानकारी दें। इस वर्ष पानी एवं माइश्चर की कमी है और हमें अपना फसल उत्पादन भी बढ़ाना है। इसके लिए कृषि विभाग कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसानों को उन्नत तकनीक की मशीन उपलब्ध कराए। उक्त निर्देश कृषि उत्पादन आयुक्त श्री केसी गुप्ता ने बुधवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा एवं शहडोल संभाग की खरीफ 2026 की समीक्षा एवं वर्ष 2026-27 की रबी फसल की तैयारी की समीक्षा बैठक में दिए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि परंपरागत फसल के अतिरिक्त व्यावसायिक फसलों को भी बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने रीवा कलेक्टर को निर्देश दिए कि वह रीवा जिले में मटर का रकबा बढ़ाने का प्रयास करें। इसके लिए पीडी आत्मा के अमले का आवश्यक सहयोग लें। कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिए कि नवनिर्मित जिले मऊगंज एवं मैहर में भी रीवा एवं सतना जिले का कृषि विभाग का अमला कृषि उत्पादन बढ़ाने में आवश्यक सहयोग प्रदान करे। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि किसानों को प्रमाणित बीज ही उपलब्ध कराएं। साथ ही उर्वरक की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करें। किसी भी स्थिति में जिला स्तर पर इसकी कमी से असामान्य घटना घटित न होने पाए। एनपीके एवं डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा होलसेल यूरिया की मात्रा सभी समितियों तक पहुंचे और समितियों के माध्यम से किसानों को मांग के अनुसार इसका वितरण कराएं। अधिक यूरिया का उठाव करने वाले कृषकों की संख्या का सत्यापन भी किया जाए। किसानों को वितरित की जाने वाली खाद एवं बीज गुणवत्तापूर्ण रहे।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने रीवा एवं शहडोल संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर से कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित कई शिकायतें आ रही हैं। अतः सभी कलेक्टर्स बीमा कंपनी एवं किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शिकायतों का समाधान कराएं। कृषि उत्पादन आयुक्त ने प्रेशराइज्ड पाइप लाइन प्रणाली की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए की सभी कलेक्टर धीरे-धीरे प्रेशराइज्ड सिंचाई की ओर अग्रेषित हों। किसानों को प्रेशराइज्ड सिंचाई के लाभ बताएं साथ ही इस प्रणाली के माध्यम से ब्लॉक लेवल से लेकर जिला लेवल तक की जा रही सिंचाई की माइक्रो लेवल तक प्लानिंग तैयार करें। कृषि उत्पादन आयुक्त ने नरवाई जलाने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वह किसान संगठनों के साथ बैठक कर नरवाई जलाने की घटनाओं पर प्रभावशील अंकुश लगाएं, साथ ही हार्वेस्टर मालिक को हार्वेस्टर में कटर लगाने के निर्देश जारी करें ताकि कटर के माध्यम से नरवाई का निदान किया जा सके। कस्टम हायरिंग सेंटर में कटर की उपलब्धता सुनिश्चित करें और किराए पर भी किसानों को उपलब्ध कराया जाए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी कृषि उपज मंडियो में किसानों के लिए बैठने, पेयजल तथा छाया की व्यवस्था करें। मंडी में उपज रखने और एटीएम की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। किसानों के मंडी में प्रवेश एवं एग्जिट का समय कम किया जाए।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने मऊगंज एवं मैहर जैसे नवनिर्मित जिले में भी कोई कमी नहीं रखने की बात कही और कहा कि सतना एवं रीवा जिले का कृषि विभाग का अमला नवनिर्मित जिलों में जाकर कृषि उत्पादन बढ़ाने का कार्य करे। कृषि उत्पादन आयुक्त ने सहकारिता विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी पैक्स समितियां व्यावसायिक विविधीकरण की ओर बढ़ते हुए नवीन व्यवसाय प्रारंभ करें। पैक्स समितियां पेट्रोल पंप, सुपरमार्केट, शादी हॉल, धर्म कांटा, प्रिंटिंग फोटोग्राफी, वेयरहाउस आदि संचालित करें और अपनी आय बढ़ाएं। रीवा एवं शहडोल संभाग के सभी जिलों में सहकारी बैंक सख्ती से ऋण की वसूली सुनिश्चित करें। डिपॉजिट की संख्या बढ़ाएं और किसानों को अधिक से अधिक ऋण वितरित करें। कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी दुग्ध उत्पादन समितियों के बैंक खाते सहकारी बैंक में खुलवाए जाएं। उन्होंने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वह बीज की डिमांड अभी से भिजवा दें ताकि समय रहते बीज उपलब्ध कराया जा सके। बताया गया कि रीवा, सतना और मैहर जिले में पैक्स समितियों में कस्टम हायरिंग केंद्र बनाए गए हैं। इन केन्द्रों में किसानों के लिए सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, बेलर मशीन तथा अन्य उन्नत कृषि उपकरण उपलब्ध रहेंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त ने नई पैक्स समितियों के लिए जमीन आवंटित करने के निर्देश दिए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि रीवा एवं शहडोल संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर छोटे-छोटे कलस्टर बनाकर उद्यानिकी खेती को बढ़ावा दें। बताया गया कि रीवा एवं मऊगंज जिले में आम का कलस्टर एवं सीधी, सिंगरौली तथा सतना जिले में सब्जी की खेती तथा मैहर जिले में कट फ्लावर के कलस्टर को बढ़ावा दिया गया है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने उद्यानिकी विभाग द्वारा किए गए नवाचार का अवलोकन किया। वर्तमान में रीवा जिले में 17 प्रतिशत भूमि पर उद्यानिकी फसल लगाई गई है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी जिले उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि कृषि के बाद उद्यानिकी फसलों का जीडीपी में बहुत बड़ा योगदान है।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने डेयरी एवं पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री डेयरी प्लस, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना, आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना में लक्ष्य के अनुरूप अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना एवं मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना में व्यापक स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों में दुग्ध उत्पादन समितियां बनाकर मिल्क रूट तय किया जाए। वर्तमान में प्रदेश में दुग्ध संकलन 10 लाख लीटर है जिसे आगामी दिनों में बढ़ाकर 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने पशुओं में नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के निर्देश दिए और कहा कि इसके माध्यम से उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाई जाए। कलेक्टर्स अपने-अपने जिले में चलित पशु चिकित्सा इकाई पर विशेष रूप से फोकस करते हुए इसमें व्याप्त छोटी-छोटी कमियों को दूर करें और उसे पशुपालकों के लिए उपयोगी बनाएं। सभी जिलों की गौशाला चारा यूनिट का संचालन अनिवार्य रूप से करें और गौशालाओं को क्रियाशील बनाएं। जिलों में लगने वाले पशु मेला को पुनर्जीवित कर इसे व्यवस्थित रूप से लगाएं।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने मत्स्य विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मैहर जिले में प्रदेश की सबसे बड़ी हैचरी है। उसमें मत्स्य उत्पादन पर विशेष रूप से फोकस किया जाए। उन्होंने सभी जिलों में बनाए जाने वाले स्मार्ट फिश पार्लर की अदयतन स्थिति की समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी कलेक्टर नगर पालिका के माध्यम से जल्द से जल्द स्मार्ट फिश पार्लर का निर्माण कार्य पूरा कराएं। व्यावसायिक गतिविधियों वाले स्थलों पर स्मार्ट फिश पार्लर अनिवार्य रूप से बनाएं। कृषि उत्पादन आयुक्त ने एआई के माध्यम से पशुओं में नस्ल सुधार करने के भी निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कलेक्ट्रेट कार्यालय के कलेक्टर कक्ष से कलेक्टर राजेश कुमार ओगरे, अपर कलेक्टर पीके पांडेय एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
