
सिंचाई के लिए नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचना सुनिश्चित करें – विधायक मनगवां
सिंचाई के बाद शेष बचे पानी को ही उद्योग तथा अन्य कार्य को दें – कलेक्टर
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . कलेक्ट्रेट के बाणसागर सभागार में जिला स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक मनगवां श्री नरेन्द्र प्रजापति ने कहा कि 15 नवम्बर से नहरों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। सिंचाई के लिए नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचना सुनिश्चित करें। नहरों को क्षतिग्रस्त करने तथा पानी का दुरूपयोग करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराकर कार्यवाही करें। जिले की सभी प्रमुख नहरों की साफ-सफाई और इनसे सिल्ट निकालना आवश्यक है। इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालयों को भेजें। किसानों को सिंचाई की सुविधा देने के साथ-साथ जल कर की राशि की वसूली भी तत्परता से करें।
बैठक में कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि 15 नवम्बर से सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है। सभी नहरों में पानी छोड़े जाने के बाद आमजनता इनके पास सावधानी से जाए, जिससे किसी भी तरह की दुर्घटना न हो। किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने के बाद शेष बचे हुए पानी का उपयोग उद्योगों के लिए दिया जाएगा। किसानों को पानी देने में प्राथमिकता दी जाएगी। नहरों से पानी के वितरण की निगरानी और सुरक्षा के लिए सभी गांवों में निगरानी समिति गठित करें। इस समिति में जल संसाधन विभाग के मैदानी कर्मचारी के साथ पटवारी और ग्राम पंचायत सचिव अथवा रोजगार सहायक को शामिल करें। समिति नहरों को क्षतिग्रस्त करने वालों पर कार्रवाई प्रस्तावित करेगी। बैठक में कार्यपालन यंत्री जल संसाधन त्योंथर परियोजना ने बताया कि बाणसागर बांध में पर्याप्त पानी उपलब्ध है। जिले में रबी फसल के लिए एक लाख 51 हजार 954 हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा दी जाएगी। जिले में 6 बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को बाणसागर बांध को मुख्य नहर से पानी मिलता है। एक मध्यम सिंचाई परियोजना जरमोहरा बांध तथा सात लघु सिंचाई परियोजनाओं से भी सिंचाई होगी। नहरों की साफ-सफाई तथा मरम्मत का कार्य कराया गया है। क्योटी नहर में कई स्थानों में एक मीटर से अधिक सिल्ट हो जाने के कारण नहर के अंतिम छोर तक बहुत कम पानी पहुंच पा रहा है। इसकी डिसिल्टिंग के लिए 4.53 करोड़ रुपए की कार्ययोजना स्वीकृतिक के लिए भेजी गई है। बैठक में उप संचालक कृषि यूपी बागरी, उप संचालक पशुपालन वाईके सिंह, कार्यकारी निदेशक औद्योगिक विकास निगम यूके तिवारी तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
