
दीपावली एवं छठ महापर्व को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, सभी विभागों को व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान सीतामढ़ी बिहार
जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने स्वच्छ, सुरक्षित, सुगम एवं शांतिपूर्ण पर्व आयोजन को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
दीपावली एवं लोक आस्था के महापर्व छठ को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जिला पदाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। पर्व के दौरान आम नागरिकों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो तथा सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं सुलभ रहें, इसके लिए विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का तत्परता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में स्थलीय निरीक्षण करने तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराने का निर्देश दिया है।
सड़कों की मरम्मति एवं आवागमन को बनाया जाएगा सुगम
पर्व के दौरान दूसरे राज्यों एवं जिलों से बड़ी संख्या में लोगों के अपने घर लौटने तथा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजारों एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ने वाली आवाजाही को देखते हुए संबंधित नगर निकायों एवं ग्रामीण कार्य विभाग के पदाधिकारियों को प्रमुख सड़कों एवं संपर्क पथों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। क्षतिग्रस्त सड़कों, गड्ढों एवं जलजमाव की समस्या को चिह्नित कर तत्काल मरम्मति कराने तथा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख बाजारों एवं छठ घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों को मोटरेबल एवं आवागमन योग्य बनाने का निर्देश दिया गया है। निर्माण एवं मरम्मति कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
छठ घाटों पर स्वच्छता, प्रकाश एवं नागरिक सुविधाओं की रहेगी समुचित व्यवस्था
सभी छठ घाटों का स्थलीय निरीक्षण कर साफ-सफाई, कचरा निष्पादन, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, पहुंच पथ एवं बैरिकेडिंग सहित आवश्यक नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। खतरनाक एवं गहरे जल वाले घाटों को चिह्नित कर वहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया है।
विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता
दीपावली एवं छठ महापर्व के दौरान बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख चौक-चौराहों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था संधारण हेतु पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति, नियमित गश्ती एवं संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। दीपावली के अवसर पर पटाखा दुकानों एवं उनके भंडारण स्थलों का निरीक्षण कर अनुज्ञप्ति, अग्निशमन व्यवस्था एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच करने तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है।
यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष कार्ययोजना
यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से प्रमुख मार्गों, बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं छठ घाटों तक जाने वाले रास्तों का निरीक्षण कर यातायात प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। जाम की संभावना वाले स्थलों को चिह्नित करने, अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण पर कार्रवाई करने तथा आवश्यकता के अनुसार वन-वे, रूट डायवर्जन, नो-एंट्री एवं वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। एम्बुलेंस एवं अन्य आपातकालीन वाहनों के निर्बाध परिचालन के लिए विशेष व्यवस्था रखने पर भी बल दिया गया है।
खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं कालाबाजारी पर होगी सख्त निगरानी
पर्व के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग में होने वाली वृद्धि को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग एवं आपूर्ति विभाग को संयुक्त रूप से सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। मिठाई दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में मिठाई, खोआ, पनीर, दूध, घी, खाद्य तेल एवं अन्य खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता एवं शुद्धता की जांच की जाएगी। खाद्य सुरक्षा मानकों, FSSAI लाइसेंस, स्वच्छता तथा खाद्य पदार्थों की निर्माण एवं उपयोग की अंतिम तिथि की भी जांच की जाएगी। संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला जांच हेतु भेजने एवं अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, आवश्यक खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री, भंडारण, जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन सेवाओं को रखा जाएगा अलर्ट
छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ एवं अन्य आकस्मिक परिस्थितियों को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को सभी प्रमुख एवं संवेदनशील घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा संबंधी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। डूबने की घटनाओं से बचाव हेतु गोताखोरों, नावों, लाइफ जैकेट एवं अन्य बचाव उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा राहत एवं बचाव दल को तैयार अवस्था में रखने को कहा गया है। इसके साथ ही एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता तथा जिला नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।
निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति पर विशेष जोर
विद्युत विभाग को सभी प्रमुख छठ घाटों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों एवं आवागमन मार्गों का निरीक्षण कर जर्जर विद्युत तारों, खुले तारों, झुके हुए विद्युत पोलों एवं अन्य संभावित खतरनाक विद्युत संरचनाओं को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही ट्रांसफार्मर, फीडर एवं अन्य विद्युत उपकरणों की जांच कर आवश्यक मरम्मति समय रहते पूर्ण करने तथा पर्व के दौरान निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अग्निशमन व्यवस्था रहेगी पूरी तरह मुस्तैद
अग्निशमन विभाग को प्रमुख एवं संवेदनशील छठ घाटों पर अग्निशमन वाहन, प्रशिक्षित कर्मियों एवं आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। किसी भी आकस्मिक अग्निकांड अथवा आपात स्थिति से त्वरित निपटने के लिए अग्निशमन दल को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रखने तथा पर्व की समाप्ति तक निर्धारित स्थलों पर कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिला पदाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय एवं बेहतर तालमेल के साथ कार्य करने, व्यक्तिगत अभिरुचि लेकर तैयारियों की नियमित समीक्षा करने तथा जिन व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की आवश्यकता है, उन पर बिना विलंब कार्रवाई प्रारंभ करने का निर्देश दिया है।
साथ ही, सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण के दौरान लिए गए फोटोग्राफ, तैयार कार्ययोजना एवं की गई कार्रवाई की अद्यतन स्थिति जिला प्रशासन के व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करने का निर्देश दिया गया है, ताकि तैयारियों की सतत निगरानी एवं प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित किया जा सके।
जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि दीपावली एवं लोक आस्था का महापर्व छठ सभी के लिए स्वच्छ, सुरक्षित, सुगम एवं शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो तथा श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।

