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एक भी बेटी दहेज की बलि न चढ़े, वही मेरे लिए सच्ची दिवाली : डॉ. नीलम गोऱ्हे

एक भी बेटी दहेज की बलि न चढ़े, वही मेरे लिए सच्ची दिवाली : डॉ. नीलम गोऱ्हे

 

पायल झांबरे के मायके पहुंचकर परिजनों से की मुलाकात, न्याय मिलने तक साथ देने का भरोसा; विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने और बच्ची की कस्टडी ननिहाल को देने की मांग

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे, महाराष्ट्र विधान परिषद की पूर्व उपसभापति एवं शिवसेना नेता डॉ. नीलम गोऱ्हे ने कहा कि हर दिवाली पर दहेज उत्पीड़न के कारण बेटियों की मौत की खबरें सामने आना बेहद दुखद है। लक्ष्मी पूजन के अवसर पर उनकी यही प्रार्थना रहती है कि महाराष्ट्र में एक भी बेटी दहेज की बलि न चढ़े। जिस दिवाली में दहेज के कारण किसी बेटी की जान न जाए, वही उनके लिए सच्ची दिवाली होगी।

 

डॉ. नीलम गोऱ्हे ने पुणे जिले के खेड़ शिवापुर क्षेत्र स्थित श्रीरामनगर में पायल झांबरे के मायके पहुंचकर पवार परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पायल की मौत पर दुख जताते हुए परिजनों को सांत्वना दी और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पायल को न्याय मिलने तक वह परिवार के साथ खड़ी रहेंगी।

डॉ. गोऱ्हे ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल बातचीत, आर्थिक लेन-देन और अन्य सभी साक्ष्यों की बारीकी से जांच होनी चाहिए। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए अनुभवी विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया जाए।

 

मासूम बच्ची की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

 

पायल की मौत के बाद उनकी छोटी बेटी की सुरक्षा और भविष्य का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है। डॉ. गोऱ्हे ने महिला एवं बाल विकास विभाग से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और बच्ची के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए उसे ननिहाल के परिजनों की देखरेख में देने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।

 

उन्होंने कहा, “मैं स्वयं एक मां और दादी हूं। उस मासूम बच्ची को देखकर मेरी आंखें भी नम हो गईं। उसकी मां को वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन उसका भविष्य सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।”

 

डॉ. गोऱ्हे ने बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और गृह राज्यमंत्री योगेश कदम को भी दी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पायल का शव मिलने के बाद एंबुलेंस उपलब्ध कराने या अन्य प्रशासनिक कार्रवाई में देरी हुई है, तो उसकी जांच की मांग की जाएगी।

 

जमानत के मामलों में पीड़ित परिवार की सुरक्षा जरूरी

 

वैष्णवी हगवणे मामले में आरोपियों को मिली जमानत का उल्लेख करते हुए डॉ. गोऱ्हे ने कहा कि ऐसे मामलों में जमानत देते समय पीड़ित परिवार की सुरक्षा और गवाहों पर संभावित दबाव को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। संबंधित न्यायालयीन आदेशों की समीक्षा कर कानूनी आधार होने पर जमानत रद्द कराने के लिए सक्षम न्यायालय में आवेदन किया जाना चाहिए।

 

शादीशुदा बेटी एटीएम नहीं, दहेज उत्पीड़न बंद होना चाहिए

 

डॉ. गोऱ्हे ने कहा कि शादी के बाद बेटी के मायके की संपत्ति और पैसों पर नजर रखकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना गंभीर सामाजिक बुराई है। उन्होंने कहा, “शादीशुदा बेटी कोई एटीएम नहीं है। दूसरे की मेहनत की कमाई और संपत्ति छीनकर कभी लक्ष्मी प्रसन्न नहीं होती।”

 

उन्होंने परिवारों से अपील की कि यदि किसी बेटी को ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा है, तो उसे दोबारा ससुराल जाने के लिए मजबूर करने के बजाय उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। माता-पिता, बहनों और सहेलियों को बेटियों से विश्वास के साथ संवाद करना चाहिए और कठिन समय में उनका साथ देना चाहिए।

 

न्याय के लिए महिला समिति बनाने की अपील

डॉ. गोऱ्हे ने पायल झांबरे मामले में न्याय मिलने तक लगातार पैरवी करने के लिए स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों से 20 से 22 सदस्यों की समिति गठित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन सुनवाई के दौरान समिति के सदस्य पीड़ित परिवार को समर्थन देने के लिए उपस्थित रहें। स्त्री आधार केंद्र की ओर से भी परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

 

उन्होंने बताया कि पायल झांबरे, वैष्णवी हगवणे और शिल्पा गवारे (कलाटे) मामलों की जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया की जानकारी लेकर महिलाओं पर अत्याचार, दहेज उत्पीड़न और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे दिसंबर में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उठाए जाएंगे।

 

इस अवसर पर डॉ. गोऱ्हे ने कहा कि किसी बेटी की जान जाने के बाद उसके परिवार को न्याय दिलाना जरूरी है, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण है कि भविष्य में किसी दूसरी बेटी के साथ ऐसी घटना न हो। इसके लिए पूरे समाज को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।

 

इस दौरान शिवसेना जिला प्रमुख रमेश कोंडे, महिला आघाड़ी संपर्क प्रमुख कांता पांढरे, युवासेना जिला प्रमुख निलेश घारे तथा स्त्री आधार केंद्र की अनिता शिंदे, आश्लेषा खंडागळे और मेघना गिडनावर सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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