Bihar

मजिस्ट्रेट को धमकाना पप्पू को पड़ा महंगा, ऑफिस पर छापेमारी के बाद आचार संहिता उल्लंघन में उलझे पूर्णिया कैंडिडेट

मजिस्ट्रेट को धमकाना पप्पू को पड़ा महंगा, ऑफिस पर छापेमारी के बाद आचार संहिता उल्लंघन में उलझे पूर्णिया कैंडिडेट

Pappu Yadav News: पूर्णिया से निर्दलीय प्रत्याशी पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को मजिस्ट्रेट को धमकाना महंगा पड़ गया। उनके खिलाफ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज कर लिया गया है। वैसे भी पूर्णिया और पुलिस से पप्पू का रिश्ता कोई नया नहीं है। आइए जानते हैं छापेमारी के बाद किन मुसीबतों से पप्पू यादव दो चार हो रहे हैं।

विशाल समाचार टीम
पूर्णिया: पूर्णिया में निर्दलीय चुनाव लड़ रहे पप्पू यादव के घर-दफ्तर पर पुलिस ने गुरुवार को धमकी दी। प्रचार के लिए जुटाए गए वाहनों के कागजात चेक किए। पप्पू इसे लेकर पुलिस और प्रशासन पर खूब चिल्लाए-झल्लाए। राज्य सरकार पर बरसे। यहां तक अपनी जान पर खतरा भी बता दिया। Y कैटेगरी सुरक्षा के लिए अपने को उपयुक्त बताते हुए उन्होंने सुरक्षा में तैनात बिहार पुलिस के जवानों की कम संख्या पर भी उन्होंने गुस्से का इजहार किया। धमकी भी दी कि हम किसी से डरने वाले नहीं हैं। हमें डराने की कोशिश हो रही है। सच तो यह है कि पप्पू यादव के घर पुलिस वाहनों के कागजात जांचने गई थी। प्रशासन को सूचना मिली थी कि बिना परमिशन की गाड़ियां पप्पू के प्रचार में लगी हैं। संभव है कि प्रशासन से यह शिकायत किसी उम्मीदवार ने की हो। इसलिए कि पप्पू यादव के सामने फिलवक्त दो दुश्मन हैं। एक तो तीसरी बार पूर्णिया से चुनाव लड़ रहे एनडीए के उम्मीदवार संतोष कुशवाहा ही हैं और दूसरी उनकी दुश्मन बीमा भारती बन गई हैं
पप्पू के आरोपों में नहीं है दम
वैसे पप्पू यादव पुलिस की जांच को सियासी रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसमें कोई दम नहीं दिखता। बिहार में सरकार एनडीए की है। पप्पू निर्दलीय उम्मीदवार हैं। एनडीए के खिलाफ इंडी अलायंस की बीमा भारती मैदान में हैं। राज्य सरकार के इशारे पर अगर प्रशासन को कोई कार्रवाई ही करनी होती तो बीमा भारती भी नहीं बचतीं। दूसरा कि इलेक्शन के समय ऐसा कदम जान-बूझ कर राज्य सरकार नहीं उठाएगी, जिससे पप्पू यादव को जनता की सहानुभूति मिले। पप्पू यही आरोप लगा कर जनता की सहानुभूति बटोर भी रहे हैं।

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