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मुजफ्फरपुर में रिश्वतखोर दारोगा गिरफ्तार: निगरानी विभाग ने 75 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा

मुजफ्फरपुर में रिश्वतखोर दारोगा गिरफ्तार: निगरानी विभाग ने 75 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा

शराब माफिया से केस हल्का करने के नाम पर मांगी थी रिश्वत

कुणाल किशोर सीतामढ़ी संवाददाता

मुजफ्फरपुर : बिहार में भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) ने बड़ी कार्रवाई की है। मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर रौशन सिंह को निगरानी विभाग की टीम ने 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दारोगा ने यह रकम एक शराब माफिया से केस को हल्का करने के एवज में मांगी थी।

 

सूत्रों के अनुसार, निगरानी विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि सब-इंस्पेक्टर रौशन सिंह एक शराब कारोबारी से केस निपटाने के नाम पर मोटी रकम मांग रहे हैं। विभाग ने इस सूचना को गंभीरता से लिया और शराब माफिया को विश्वास में लेकर एक ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया।

 

निगरानी विभाग की टीम ने पूरी योजना के तहत शराब कारोबारी को पैसे लेकर करजा थाना क्षेत्र के मड़वन में भेजा, जहां सब-इंस्पेक्टर रौशन सिंह पहले से मौजूद थे। जैसे ही दारोगा ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, पहले से घात लगाए निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर ही 75 हजार रुपये बरामद कर लिए गए।

 

गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम ने सब-इंस्पेक्टर रौशन सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वह लंबे समय से अवैध वसूली में लिप्त थे और शराब कारोबारियों से नियमित रूप से मोटी रकम वसूलते थे। फिलहाल, निगरानी विभाग उनसे यह जानकारी जुटाने में लगा है कि क्या उनके साथ अन्य पुलिसकर्मी या अधिकारी भी इस अवैध वसूली में शामिल थे।

 

बिहार में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो लगातार भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है। हाल के महीनों में कई पुलिस अधिकारियों और सरकारी कर्मियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। इस कार्रवाई के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और कई अन्य अधिकारियों पर भी जांच की तलवार लटक रही है।

 

अब निगरानी विभाग इस मामले में विस्तृत जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या अन्य पुलिसकर्मी भी इस नेटवर्क का हिस्सा थे। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि शराब माफिया से मिलीभगत कर पुलिस अवैध रूप से पैसा कमा रही थी या नहीं।

 

बिहार में लगातार बढ़ते भ्रष्टाचार और शराब माफियाओं के साथ पुलिस की सांठगांठ को लेकर जनता में पहले से ही रोष था। इस घटना के बाद लोगों ने सरकार से मांग की है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि आगे कोई पुलिसकर्मी कानून को ताक पर रखकर अवैध वसूली करने की हिम्मत न करे।

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