
जिले भर में मनाया गया विक्रम संवत नववर्ष
पचमठा धाम में ध्वज वंदन के साथ नववर्ष के प्रथम दिवस का हुआ स्वागत
विशाल समाचार संवाददाता रीवा
रीवा. विक्रम संवत 2082 का प्रथम दिवस जिले भर में उत्साह के साथ मनाया गया। पचमठा धाम रीवा में विक्रम नववर्ष के प्रथम दिवस पर ध्वज वंदन किया गया तथा मध्यप्रदेश नाट¬ विद्यालय के दल द्वारा सम्राट विक्रमादित्य नाटिका का मंचन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रीवा सांसद श्री जनार्दन मिश्र ने कहा कि यह दिन सांस्कृतिक पुनस्र्थापना का दिवस है। इस गौरवपूर्ण दिन को हम सबको पूरे श्रद्धाभाव के साथ मनाते हुए अपनी प्राचीन संस्कृति व विरासत से जुड़ना होगा। हमारी पुरातन काल की वेधशाला की गणना आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति भी से भी आगे है। विक्रम संवत की शुरूआत 57 ई.पूर्व हुई थी। यह भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण काल गणना तंत्र बन गया। जो आज भी प्रचलित है। इसी के आधार पर हमारे धार्मिक व सामाजिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
सांसद श्री मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण के कार्य प्रारंभ हुए हैं। योग और आयुर्वेद को संपूर्ण विश्व में मान्यता मिली है। मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण की ध्वजा लहरा रही है। कार्यक्रम में नाट¬ दल द्वारा अनुष्ठानिक रीति से ध्वज वंदन किया गया। ब्राम्हध्वज प्रमुख मंदिरों व शासकीय भवनों में स्थापित किए जाएंगे। इस अवसर पर भारत का नववर्ष विक्रम संवत पुस्तिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जी के संस्कृति सलाहकार एवं निदेशक महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ श्रीराम तिवारी के विक्रम संवत शुरू होने के इतिहास से संबंधित जानकारी का वाचन किया गया। नाट¬ दल के सदस्यों का इस अवसर पर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त डॉ सौरभ सोनवड़े, पार्षद मुन्ना खान, पूर्व पार्षद सतीश सिंह, नाट¬ दल के निदेशक विपुल सिंह, तहसीलदार शिवशंकर शुक्ला, संयुक्त संचालक शिक्षा केपी तिवारी, डीईओ सुदामालाल गुप्ता, प्राचार्य वरूणेन्द्र प्रताप सिंह, अरूण मिश्रा, सहायक संचालक राजेश मिश्रा सहित नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में संभ्रांतजन व नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन संयुक्त कलेक्टर पीके पाण्डेय ने किया।