
दूरदर्शी नेतृत्व के लिए सुलज्जा फिरोदिया मोटवानी को तिलक महाराष्ट्र विद्यापीठ की मानद डॉक्टरेट उपाधि
पुणे, : पुणे स्थित प्रतिष्ठित तिलक महाराष्ट्र विद्यापीठ ने हाल ही में काइनेटिक ग्रीन की संस्थापक और सीईओ सुश्री सुलज्जा फिरोदिया मोटवानी को डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। उनके नेतृत्व में काइनेटिक ग्रीन ने न केवल शहरी उपभोक्ताओं को सशक्त किया है, बल्कि ग्रामीण भारत में भी स्वच्छ, किफायती और सुलभ परिवहन का विकल्प प्रदान किया है। सुश्री मोटवानी का उद्देश्य टिकाऊ परिवहन को हर भारतीय के लिए सुलभ, सस्ता और व्यावहारिक बनाना है।
अपने शैक्षणिक जीवन में राज्य स्तरीय टॉपर और मेरिट रैंकधारी रहीं सुश्री सुलज्जा ने कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी, पेंसिल्वेनिया, यूएसए से एमबीए किया है। उन्होंने एफआईसीसीआई, एसएमईवी और आईएफजीई जैसे प्रतिष्ठित संगठनों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। शिक्षा में उत्कृष्टता, व्यवसायिक कौशल और उनकी दृढ़ सोच ने उन्हें असाधारण व्यावसायिक उपलब्धियाँ दिलाई हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक पुरुष-प्रधान क्षेत्र माने जाने वाले ईवी उद्योग में महिला नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कई युवा महिला उद्यमियों को प्रेरित किया है। यह मानद उपाधि उनके आत्मविश्वास और उद्योग में लाए गए परिवर्तनकारी नेतृत्व का प्रमाण है।
सुश्री सुलज्जा फिरोदिया मोटवानी के साथ यह सम्मान श्री रवींद्र प्रभुदेसाई (एमडी, पितांबरी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड) और प्रसिद्ध अभिनेता व मनोचिकित्सक डॉ. मोहन अगाशे को भी प्रदान किया गया। यह समारोह तिलक महाराष्ट्र विद्यापीठ के अध्यक्ष एवं कुलाधिपति डॉ. दीपक जे. तिलक की उपस्थिति में आयोजित हुआ। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के नाम पर स्थापित यह विद्यापीठ ‘शिक्षा एक सशक्तिकरण का माध्यम है’ की सोच के साथ राष्ट्र निर्माण को समर्पित है।
इस सम्मान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुश्री सुलज्जा ने कहा, “इस सम्मान को पाकर मैं अत्यंत विनम्र और कृतज्ञ महसूस कर रही हूं। फिरोदिया परिवार हमेशा से ही दृढ़ मूल्यों, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है। यह सम्मान मुझे और अधिक व्यापक स्तर पर कार्य करने की प्रेरणा देता है — एक ऐसा मिशन जिस पर हम काइनेटिक ग्रीन में लगातार काम कर रहे हैं।”
पिछले वर्षों में तिलक महाराष्ट्र विद्यापीठ ने कई प्रतिष्ठित हस्तियों को मानद डॉक्टरेट प्रदान की है, जिनमें पं. भीमसेन जोशी, डॉ. साइरस पूनावाला, डॉ. अनिल काकोडकर, डॉ. के.एच. संचेती, डॉ. एस.बी. मजूमदार और डॉ. जयंत नार्लीकर शामिल हैं।