
सीतामढ़ी में छात्राओं के अपहरण की घटनाओं में तेजी, स्नातक छात्रा को दिल्ली में कैद, पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई की शुरू
सीतामढ़ी विशाल समाचार: जिले में छात्राओं की किडनैपिंग या प्यार-मुहब्बत में फंसकर घर से फरार होने की घटनाएं बढ़ती जा रही है। प्रतिदिन किसी न किसी थाने में इस तरह की शिकायतें पहुंचती है। हाल यह है कि पुलिस एक मामले को सुलझाने में लगी रहती है कि उसके सामने दूसरा मामला चला आता है। ऐसे घटना कुछ महीनों से सबसे अधिक सीतामढ़ी जिले के रीगा थाना क्षेत्र से सामने आ रही है। इसी थाना क्षेत्र से एक ताजा मामला सामने आया है। अबकी बार स्नातक की एक छात्रा का अपहरण कर लिया गया है। घटना के संबंध में छात्रा की मां ने रीगा थाना में एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। उसने पुलिस को बताया है कि उसकी बेटी स्नातक की छात्रा है, जो सीतामढ़ी शहर स्थित श्रीराधा कृष्ण गोयनका कॉलेज में पढ़ती है। 17 मार्च को वह स्नातक का सर्टिफिकेट लाने की बात कह घर से कॉलेज के लिए निकली थी। घंटों बाद भी वह कॉलेज से नहीं लौटी, तो परिवार के लोगों को चिंता हुई। पति-पत्नी अपनी बेटी की खोज में लग गए। काफी खोजबीन के बाद उनको पता चला कि उसकी बेटी को चार पहिया वाली एक गाड़ी से संजीव राम, इंद्रजीत राम, रंधीर राम, तीनों के पिता- साहवीर राम और माता सीता देवी को जाते देखा गया है। सभी आरोपी दरभंगा जिले के जाले थाना क्षेत्र के कछुआ गांव के निवासी है। इस बीच, 19 मार्च को बहन ने अपनी अपहृत बहन के मोबाइल पर कॉल की, तो आरोपी संजीव राम ने कॉल रिसीव किया। संजीव ने उससे पूछा कि आसपास कोई है भी, तो उसने (अपहृत की बहन) बताया कि कोई नहीं है। इसके बाद संजीव ने अपहृता को उसकी बहन से बात कराई। मोबाइल पर अपहृत छात्रा ने बहन को बताया कि उसे दिल्ली में कैद कर रखा गया है। उसके हाथ और पैर बांध दिए गए हैं। संजीव राम के परिजन उसके साथ अनर्थ कर रहे हैं। अपहृत की मां ने पुलिस को शादी की नीयत से अथवा बेचने की मंशा से उसकी बेटी का अपहरण किया गया है। रीगा पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर छात्रा को बरामद करने की दिशा में वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।