तेज़ वृद्धि के बाद भारतीय रियल एस्टेट बाज़ार में सतर्क स्थिरता का दौर: PropTiger.com की रिपोर्ट
Pune: REA इंडिया (जिसके अंतर्गत Housing.com भी आता है) के अंतर्गत काम करने वाले ट्रांजैक्शन और एडवाइजरी प्लेटफॉर्म PropTiger.com ने “Real Insight Residential: Q1 2025” रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में आवासीय संपत्तियों की कीमतों में साल-दर-साल बढ़ोतरी जारी है, लेकिन हाल की तिमाहियों में यह वृद्धि काफी धीमी हो गई है।
कोविड के बाद आई तेज़ रफ्तार वृद्धि के बाद अब यह बाज़ार ‘सतर्क स्थिरता’ की ओर बढ़ रहा है।
बाज़ार में ठहराव, गिरावट नहीं रिपोर्ट बताती है कि बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहर अब भी रफ्तार बनाए हुए हैं, जहाँ Q1 2025 में कीमतों में 5% की तिमाही बढ़त दर्ज की गई:
बेंगलुरु में औसत दाम ₹7,881 प्रति वर्गफुटहै दराबाद में ₹7,412 प्रति वर्गफुट तक पहुँच गए हैं।
इसके विपरीत, दिल्ली-NCR, मुंबई मेट्रो रीजन (MMR), पुणे और चेन्नई जैसे प्रमुख बाज़ारों में लगातार दूसरी तिमाही में कोई वृद्धि नहीं देखी गई, जिससे स्पष्ट होता है कि इन जगहों पर कीमतें एक स्तर पर स्थिर हो गई हैं।
अहमदाबाद (3.8%) और कोलकाता (4%) में भी कीमतों में धीमी लेकिन स्थिर बढ़त देखी गई।
“अब ज़मीनी खरीदारों की वापसी संभव”– ध्रुव अग्रवालHousing.com और PropTiger.com के ग्रुप सीईओ श्री ध्रुव अग्रवाल ने कहा:
“बीते कुछ तिमाहियों में जो मूल्य वृद्धि धीमी हुई है, वह बाज़ार के स्थिर होने का संकेत है। इससे पहले अटकलबाज़ी के कारण जो वास्तविक खरीदार बाज़ार से बाहर हो गए थे, उनकी वापसी संभव होगी। यह नियंत्रित गति निवेशकों और डेवलपर्स द्वारा बनाई गई वैल्यू को भी टिकाए रखने में मदद करेगी।”
मुख्य बाज़ारों में संतुलन के संकेत Q3 2024 से ही यह बदलाव साफ़ दिखाई देने लगा था।
Q4 2024 से Q1 2025 के बीच:अहमदाबाद में पिछली गिरावट के बाद 4% की बढ़त कोलकाता में भी 4% की रिकवरी पुणे ₹7,109/sqft पर स्थिर
दिल्ली-NCR, जिसने 2023 में दो अंकों की तेज़ वृद्धि देखी थी, अब 0% ग्रोथ के साथ ठहर गया है।
स्थिरता के पीछे कारण:
खरीदार अब ज़्यादा सोच-समझकर निर्णय ले रहे हैं (अंतिम उपयोगकर्ता)निवेशकों की दिलचस्पी अब भी है, लेकिन ज़्यादा संतुलित रूप में नई आपूर्ति अब असली मांग के अनुसार आ रही है, न कि केवल अटकलबाज़ी के चलते।
आने वाला समय: सतर्क लेकिन स्थायी वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार, यह “सतर्क स्थिरता” रियल एस्टेट बाज़ार के लिए एक टिकाऊ और संतुलित वृद्धि की नींव रखती है।
कई शहरों में जहाँ कीमतें स्थिर हो गई हैं और अन्य में धीरे-धीरे बढ़ रही हैं, वहाँ डेवलपर्स भी अब नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग अधिक सोच-समझकर करेंगे, जिससे सेक्टर में ज़रूरत से ज़्यादा गर्मी नहीं आएगी और संतुलन बना रहेगा।

