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पुरुष विरोध ही स्त्रीवाद नहीं, समान अधिकार ही असली उद्देश्य : रमणी सोनवणे

पुरुष विरोध ही स्त्रीवाद नहीं, समान अधिकार ही असली उद्देश्य : रमणी सोनवणे

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: पुणे महाराष्ट्र 

पुणे। विद्रोही कवयित्री एवं प्रथम रमाई साहित्य सम्मेलन की अध्यक्ष रमणी सोनवणे ने कहा कि केवल पुरुषों से विद्वेष करना ही स्त्रीवाद नहीं है, बल्कि महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार और जिम्मेदारियां दिलाना ही वास्तविक स्त्रीवाद है।

 

महामाता रमाबाई भीमराव आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक के तत्वावधान में रमाबाई आंबेडकर की पुण्यतिथि एवं राष्ट्रीय स्मारक के आठवें स्थापना दिवस पर आयोजित प्रथम रमाई साहित्य सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर वह अध्यक्षीय संबोधन दे रही थीं।

 

उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने महिलाओं को समानता का अधिकार प्रदान किया और समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने का कार्य किया। सम्मेलन में पूर्व अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन अध्यक्ष श्रीपाल सबनीस सहित अनेक साहित्यकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

 

एक दिवसीय सम्मेलन में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं वैचारिक विषयों पर कवि सम्मेलन, परिसंवाद तथा सांगीतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

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