
आरक्षण उपवर्गीकरण का आग्रह छोड़ें, इससे समाज को भारी नुकसान होगा : राहुल डंबाले
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे, प्रतिनिधि। अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण के उपवर्गीकरण से दलित एवं वंचित समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आंतरिक विवाद बढ़ेंगे और समाज को व्यापक नुकसान होगा। इसलिए मातंग समाज के नेताओं को आरक्षण उपवर्गीकरण की मांग पर पुनर्विचार करते हुए अपना आग्रह छोड़ देना चाहिए। यह बात आरक्षण उपवर्गीकरण पुनर्विलोकन समिति के संयोजक राहुल डंबाले ने पुणे में आयोजित एक बैठक में कही।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद आरक्षण उपवर्गीकरण को लेकर देशभर में विभिन्न मत सामने आ रहे हैं। इसी संदर्भ में राहुल डंबाले ने समिति की ओर से अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि उपवर्गीकरण के समर्थन में लगातार ‘क्रांतिगुरु लहुजी वस्ताद सालवे आयोग’ का हवाला दिया जा रहा है, जबकि यह आयोग एकतरफा और राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर तैयार किया गया था। उन्होंने दावा किया कि पिछले 20 वर्षों में किसी भी आधिकारिक आयोग या समिति ने मातंग समाज को पिछड़ा या अप्रगत घोषित नहीं किया है।
डंबाले ने कहा कि वर्तमान समय में सरकारी नौकरियों की भर्ती लगभग बंद है। ऐसे में आरक्षण के उपवर्गीकरण का सबसे अधिक दुष्प्रभाव शिक्षा प्राप्त कर रहे गरीब एवं प्रतिभाशाली छात्रों पर पड़ेगा। शैक्षणिक प्रवेश के दौरान इस व्यवस्था से विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जो नेता नौकरियों और शिक्षा में उपवर्गीकरण की मांग कर रहे हैं, वे विधानसभा, लोकसभा तथा स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के चुनावों में राजनीतिक उपवर्गीकरण की मांग क्यों नहीं कर रहे हैं। यदि मातंग समाज को उसकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, तो राजनीतिक क्षेत्र में भी इसकी मांग उठाई जानी चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने का आह्वान किया।
राहुल डंबाले ने कहा कि आरक्षण का उपवर्गीकरण संविधान की मूल भावना और आरक्षण व्यवस्था के सिद्धांतों को प्रभावित कर सकता है। इससे वंचित वर्गों के बीच एकता कमजोर होगी और सामाजिक विभाजन बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि मातंग समाज के वास्तविक विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर और विशेष आर्थिक पैकेज की आवश्यकता है, न कि आरक्षण के उपवर्गीकरण की।
बैठक के अंत में उन्होंने समाज के नेताओं से उपवर्गीकरण की मांग वापस लेने तथा समाज को भ्रमित करने से बचने की अपील की।


