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इटावा में विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

इटावा में विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न, जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

रिपोर्ट:विशाल समाचार 

स्थान:इटावा, उत्तर प्रदेश 

जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डिजिटल लाइब्रेरी, स्वच्छ भारत मिशन, जीरो पॉवर्टी अभियान, पीएम सूर्य घर योजना, गौशाला, प्राकृतिक खेती सहित कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

 

समीक्षा के दौरान बताया गया कि डिजिटल लाइब्रेरी योजना के अंतर्गत जनपद की सभी 117 ग्राम पंचायतों में उपकरणों की आपूर्ति एवं स्थापना पूर्ण कर ली गई है तथा सभी डिजिटल लाइब्रेरियां क्रियाशील हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभिलेखों का संधारण, इश्यू रजिस्टर एवं अन्य व्यवस्थाएं शासनादेश के अनुसार सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सुविधा है, जिसका अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया जाए।

 

स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी आरआरसी की सक्रियता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को वर्षा ऋतु से पूर्व और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्लास्टिक अपशिष्ट के उपयोग से सड़क निर्माण जैसे नवाचारों को सराहनीय बताते हुए ग्रामीणों को जागरूक करने पर बल दिया।

 

सिरसा नदी के समीप निर्मित फिल्टर सिस्टम की समीक्षा करते हुए उन्होंने इनलेट एवं आउटलेट की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि नदी में केवल स्वच्छ जल ही प्रवाहित हो। साथ ही एफएसएम एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण में आवश्यकता आधारित स्थान चयन पर जोर दिया गया।

 

जीरो पॉवर्टी अभियान की समीक्षा में दिव्यांग एवं वृद्धावस्था पेंशन के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सबसे अधिक जरूरतमंद एवं वंचित परिवारों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से संतृप्त किया जाए।

 

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत अधिकाधिक प्रचार-प्रसार एवं आवेदन बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। वहीं नई रोजगारपरक व्यवस्था के तहत 125 दिनों के रोजगार एवं जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा पर्यावरणीय कार्यों को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।

 

गौशाला समीक्षा में नेपियर घास उत्पादन को बढ़ावा देने तथा चारागाह भूमि के समुचित उपयोग के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी गौशालाओं में छाया, स्वच्छ पेयजल, चारा एवं दाना की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

 

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु चयनित ग्राम पंचायतों में प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर अपनाना समय की आवश्यकता है और सभी संबंधित विभाग इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें।

 

बैठक में जिला विकास अधिकारी, डीएसटीओ, डीपीआरओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, यूपीनेडा परियोजना अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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