पूणे

शिक्षकेतर कर्मचारी को अंतरराष्ट्रीय मंचों से मिला सम्मान — तुषार निकाळजे को ‘शैक्षणिक उत्कृष्टता पुरस्कार’ से नवाजा गया

शिक्षकेतर कर्मचारी को अंतरराष्ट्रीय मंचों से मिला सम्मानतुषार निकाळजे को ‘शैक्षणिक उत्कृष्टता पुरस्कार’ से नवाजा गया

रिपोर्ट डीएस तोमर 

पुणे/गोवा — शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. तुषार निकाळजे को तमिलनाडु स्थित ई.एस.एन. पब्लिकेशन्स और गोवा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग द्वारा संयुक्त रूप से “शैक्षणिक उत्कृष्टता पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान समारोह 26 मई 2025 को गोवा इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ

डॉ. निकाळजे, जो 32 वर्षों तक सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में शिक्षकेतर कर्मचारी के रूप में कार्यरत रहे और मार्च 2022 में सेवानिवृत्त हुए, उन्होंने अब तक 14 पुस्तकें प्रकाशित की हैं। इनमें से “भारतीय चुनाव प्रणाली” पर आधारित दो पुस्तकें महाराष्ट्र की 9 विश्वविद्यालयों और 4 स्वायत्त महाविद्यालयों के पाठ्यक्रम में संदर्भ ग्रंथ के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुकी हैं।

 

डॉ. निकाळजे को 2019 में महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग द्वारा “लोकतंत्र, चुनाव और सुशासन” विषय पर विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्हें तमिलनाडु स्थित ई.एस.एन. पब्लिकेशन्स द्वारा “महा. महात्मा गांधी पुरस्कार” से भी सम्मानित किया जा चुका है।

विशेष रूप से दृष्टिहीन छात्रों के लिए उन्होंने “Understanding the University” नामक एक अंग्रेज़ी-ब्रेल पुस्तक लिखी, जिसकी पहचान इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है।

सामान्य प्रशासन, विश्वविद्यालय प्रशासन, चुनाव व्यवस्था और नागरिक सेवा जैसे विषयों पर डॉ. निकाळजे के 86 शोध लेख प्रतिष्ठित पत्रिकाओं, साप्ताहिकों, मासिकों और यूजीसी मान्यता प्राप्त जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं। वे अब तक 4 राष्ट्रीय और 3 अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में शोधपत्र प्रस्तुत कर चुके हैं।

 

2020 में आयोजित सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में स्थान मिला, जिसमें डॉ. निकाळजे ने शोधपत्र प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त, 2023 में आयोजित “थिकेस्ट बुक ऑफ रिकॉर्ड” कार्यक्रम में उन्होंने 90 पृष्ठों की पुस्तक “Sacrifice of 20 Paise Tea” प्रकाशित की, जो 19 फुट ऊँचाई की थी और इस उपक्रम को गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, लंदन में भी स्थान मिला।

 

उन्होंने अब तक चार डॉक्युमेंट्री फिल्मों का लेखन और निर्माण किया है जिनमें Clerk to World Record, Retired but Not Tired, Behind the White Collar और एक एनिमेशन डॉक्युमेंट्री Only She Can शामिल हैं।

 

अब तक डॉ. निकाळजे को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुल 20 पुरस्कार मिल चुके हैं। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, लंदन, अमेरिका, थाईलैंड, मलेशिया, दुबई, इंडोनेशिया आदि देशों और राज्यों की प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा उनका सम्मान किया गया है।

 

डॉ. निकाळजे अपने सारे शैक्षणिक व अनुसंधान कार्य स्व-वित्त से करते हैं। वर्तमान में वे “एक देश, एक चुनाव” विषय पर एक लघु परियोजना पर कार्यरत हैं, जिससे देश के 53 लाख से अधिक चुनाव कर्मियों के कार्यभार में कमी आने की आशा है।

 

इसके साथ ही वे “Clerk to World Record” नामक कॉफी टेबल बुक के लेखन कार्य में भी व्यस्त हैं। उनका जीवन और समर्पण आज भी युवाओं और शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बना हुआ है।

“मैंने पिछले 40 वर्षों से अध्ययन, लेखन, शोध और विमर्श में निरंतरता बनाए रखी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने अंदर छिपी प्रतिभा को लक्ष्य बनाकर नियमित प्रयास करे, तो सफलता निश्चित है।”

लेखक— डॉ. तुषार निकाळजे

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