
डॉ तुषार निकाळजे के पुस्तक को सोलापुर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में समाविष्ट किया
पुणे विशाल समाचार: डॉ. तुषार निकाळजे के पुस्तक “भारतीय निवडणूक प्रणाली- स्थित्यंतरे व आव्हाने” को पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होळकर विद्यापीठ, सोलापूर के राज्यशास्त्र (राजनीति विज्ञान) के नए पाठ्यक्रम में संदर्भ पुस्तक के रूप में शामिल किया गया है। यह निर्णय नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार किए गए पाठ्यक्रम के तहत लिया गया है, जिससे विद्यार्थियों को भारतीय चुनाव प्रणाली की गहराई से समझ मिल सके।
डॉ. तुषार निकाळजे की यह पुस्तक इससे पूर्व भी स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाडा विश्वविद्यालय, नांदेड; कवयत्री बहिणाबाई चौधरी उत्तर महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, जळगांव;संगमेश्वर कॉलेज (स्वायत्त), सोलापूर ,मुंबई विश्वविद्यालय; राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपूर विश्वविद्यालय; टिळक महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, पुणे; सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय, पुणे तथा अबेदा इनामदार महिला महाविद्यालय (स्वायत्त), पुणे; कीर्ती कॉलेज (स्वायत्त), मुंबई; तुळजाराम चतुरचंद कॉलेज (स्वायत्त), बारामती, पुणे जैसे कई स्वायत्त महाविद्यालयों के बी.ए. व एम.ए. राज्यशास्त्र पाठ्यक्रम में भी संदर्भ पुस्तक के रूप में शामिल की जा चुकी है।
डॉ. तुषार निकाळजे सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकेतर कर्मचारी हैं। वे वर्ष 2022 में सेवानिवृत्त हुए। उनकी उपलब्धियों के लिए उनका नाम ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में “कॉम्पेटेटिव स्किल्स ऑफ अ नॉन-टीचिंग स्टाफ” के रूप में दर्ज किया गया है। डॉ. निकाळजे ने अपने शैक्षणिक जीवन में विद्यार्थियों और शिक्षा क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है, जिसे देश-विदेश में सराहा गया है।

पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होळकर विद्यापीठ, जिसे पहले सोलापुर विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता था, महाराष्ट्र के सोलापुर जिले का प्रमुख शासकीय विश्वविद्यालय है। इसकी स्थापना 1 अगस्त 2004 को हुई थी और वर्तमान में यहाँ 65,000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विश्वविद्यालय में सामाजिक शास्त्र, रसायनशास्त्र, पदार्थविज्ञान, पर्यावरणशास्त्र, गणितशास्त्र, शिक्षाशास्त्र जैसे विविध संकुल हैं, और यह डिजिटल युनिवर्सिटी के रूप में भी जाना जाता है। विश्वविद्यालय अपने पाठ्यक्रमों में समय-समय पर नवाचार और उत्कृष्टता के लिए नए संदर्भ ग्रंथों का समावेश करता है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और अद्यतन शिक्षा मिल सके।

डॉ. तुषार निकाळजे की पुस्तक का समावेश विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है और यह विद्यार्थियों के लिए भारतीय लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली की समग्र समझ विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी।
इस पुस्तक के संदर्भ में, महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2019 में लोकतंत्र, सुशासन और चुनाव जैसे विषयों के विशेषज्ञ व्यक्ति के रूप में डॉ. निकाळजे का चयन किया था।



