
बहुजन समाज पार्टी का ‘सोशल इंजीनियरिंग’ मॉडल आगामी चुनावों में होगा सफल: डॉ. हुलगेश चलवादी
पुणे, राष्ट्रीय, राज्य और स्थानीय मुद्दों पर स्थापित दलों के खिलाफ संघर्ष करते हुए, आम जनता को न्याय दिलाने और शोषित-पीड़ित-उपेक्षित-वंचित समाज को सत्ता में भागीदारी दिलाने के उद्देश्य से ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की स्थापना की गई है। “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” के मूलमंत्र पर आधारित बसपा का ‘सोशल इंजीनियरिंग’ मॉडल आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों में निश्चित रूप से सफल होगा, ऐसा विश्वास पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं पश्चिम महाराष्ट्र ज़ोन के मुख्य प्रभारी डॉ. हुलगेश चलवादी ने व्यक्त किया।
डॉ. चलवादी ने स्पष्ट किया कि आगामी चुनावों में पार्टी ‘सामाजिक’ प्रतिनिधित्व पर विशेष जोर देगी। “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी भागीदारी” इस नारे के अनुसार, प्रत्येक शहर की महानगर पालिका, जिला परिषद, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। डॉ. चलवादी ने कहा कि स्थापित दलों द्वारा समाज के अनुसार प्रतिनिधित्व न देने के कारण राज्य का बड़ा हिस्सा राजनीतिक मुख्यधारा से दूर रह गया है।
डॉ. चलवादी ने छत्रपति शिवाजी महाराज का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अठारह पगड जातियों को साथ लेकर स्वराज्य की स्थापना की थी। छत्रपति के विचारों के अनुसार, सामाजिक संरचना में हर समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। इसी विचारधारा के अनुसार, बसपा ‘सामाजिक इंजीनियरिंग’ पर कार्य कर रही है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक तथा सामान्य वर्ग के नेतृत्व को उनके प्रभाव वाले क्षेत्रों में उम्मीदवार बनाए जाने पर पार्टी स्तर पर विचार किया जाएगा, ऐसा डॉ. चलवादी ने बताया।
बसपा में ही सर्वसमावेशक प्रतिनिधित्व मिल सकता है। सभी को साथ लेकर, राजनीतिक प्रतिनिधित्व देकर, प्रत्येक समाज का विकास संभव है। यह कार्य बसपा ही कर सकती है, ऐसा विश्वास डॉ. चलवादी ने व्यक्त किया। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी स्तर पर इस संबंध में विचार-विमर्श शुरू है और डॉ. चलवादी ने विश्वास जताया कि हाथी चुनाव चिन्ह वाला नीला झंडा राज्य की प्रत्येक महापालिका पर लहराएगा।



