स्वास्थ्यपूणे

गरीब व्यक्ति की सुखांत यात्रा का ग्राफ बढ़ाना चाहिए’:– केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

गरीब व्यक्ति की सुखांत यात्रा का ग्राफ बढ़ाना चाहिए‘:- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

पुणे में ‘श्री सरस्वती कराड हॉस्पिटल’ का उद्घाटन समारोह

 

पुणे: “देश में सामान्य और गरीब व्यक्ति के सुखांत जीवन का ग्राफ बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। सेवा ही परम धर्म है, और यह सेवा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। सेवा और संस्कार के माध्यम से ही गोरगरीब जनता की सच्ची सेवा की जा सकती है। इस देश में विचारों की भिन्नता नहीं, बल्कि विचारशून्यता सबसे बड़ी समस्या है।”

यह विचार केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने पुणे में व्यक्त किए।

वे माईर्स एमआईटी शिक्षण संस्था के संस्थापक विश्वधर्मी प्रा. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड की मातोश्री स्वर्गीय सौ. सरस्वती कराड की स्मृति में निर्मित ‘श्री सरस्वती कराड हॉस्पिटल’ (SSKH) के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने फीता काटकर इस बहु-उद्देश्यीय हॉस्पिटल का उद्घाटन किया।

मंच पर अनेक विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

इस अवसर पर महाराष्ट्र के तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, जलसंपदा और आपत्ती व्यवस्थापन मंत्री गिरीश महाजन, राज्यसभा सांसद सौ. मेधा कुलकर्णी, प्रख्यात संगणक शास्त्रज्ञ डॉ. विजय भटकर मंच पर सन्माननीय अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

अध्यक्षता स्वयं प्रा. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड ने की।अन्य प्रमुख उपस्थित लोगों में शामिल थे:

प्रा. पी.बी. जोशी (माईर्स एमआयटी के संस्थापक विश्वस्त)डॉ.सुचित्रा कराड-नागरे (सह‌ व्यवस्थापकीय विश्वस्त)डॉ. विरेंद्र घैसास (कार्यकारी संचालक)सौ. उषा विश्वनाथ कराड, डॉ.मंगेश तु.कराड(एमआईटी एडीटी के कार्याध्यक्ष),हभप तुळशीराम कराड और हॉस्पिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तुषार खाचणे।

सेवा और आत्मा की खोज से ही ईश्वर की प्राप्ति होती है’- गडकरी

गडकरी ने अपने वक्तव्य में आगे कहा –

“भविष्य की दृष्टि यानी विजन बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें केवल सरकार नहीं, बल्कि समाज को भी समाज के लिए काम करना होगा। स्वामी विवेकानंद कहा करते थे – जब अंतर्मन की खोज करते हैं तो ईश्वर कहीं बाहर ढूँढने की ज़रूरत नहीं होती। असली धर्म मानवता का होता है।

इस हॉस्पिटल की स्थापना माँ के नाम पर हुई है, इससे परिवार पर संस्कारों की छाप स्पष्ट होती है। इससे गरीब और सामान्य जनता की सेवा सुनिश्चित होगी।”

आयुष्मान भारत के माध्यम से स्वास्थ्य क्रांति

“केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रुपये तक की चिकित्सा सुविधा दी है।

मैंने नागपुर में गरीबों के लिए अत्यंत मामूली दर पर सभी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाईं, जिससे उनका आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है। अब 1,000 घरों वाले स्मार्ट गांव बन रहे हैं, जिनमें 5 लाख रुपये में उपलब्ध घरों में पानी और बिजली मुफ्त दी जा रही है।”

 

‘भारत विश्वशांति का वाहक बन सकता है’

नितीन गडकरी ने कहा-

“भारतीय संस्कृति विश्वशांति के लिए कार्य करने वाली है। आज विश्व में संघर्ष की स्थितियां हैं। ऐसे समय में भारत को कल्याणकारी भूमिका निभानी है।

मानवता के आधार पर विश्वशांति स्थापित हो, यही लक्ष्य होना चाहिए। वर्तमान में आर्थिक विकास ज़रूरी है, लेकिन संपत्ति के साथ-साथ अध्यात्म भी ज़रूरी है। हमारे पास भारत को विश्वगुरु बनाने की पूरी क्षमता है।”

डॉ. कराड का वक्तव्य- ‘हम केवल माध्यम होते हैं’

प्रा. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड ने कहा-“रुग्ण सेवा की पवित्र भावना से हॉस्पिटल की शुरुआत की गई है। यह मेरी मातोश्री की स्मृति में सेवा, समर्पण और त्याग के सिद्धांतों पर आधारित है।

किसी भी कार्य को हम केवल निमित्तमात्र होते हैं। इसी भावना से हमने दुनिया का सबसे बड़ा घुमट, बद्रीनाथ में सरस्वती मंदिर और स्वर्गारोहण की रचना की है।

‘पुणे को नागपुर जैसी स्वास्थ्य सुविधा मिले’- चंद्रकांत पाटील

तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा-

“कोविड काल में हमने जनता को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा दी। गडकरीजी ने नागपुर में बड़ी जनसंख्या को बेहतर स्वास्थ्य सेवा दी है। वैसी ही सेवा अब पुणे को भी मिलेगी। इससे पुणे की एक अलग पहचान बनेगी।”

गरीबों के लिए बड़ी सुविधा बनेगा यह हॉस्पिटल’- गिरीश महाजन

जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन ने कहा-“रोगियों की सेवा और स्वास्थ्य सुविधाएं निरंतर बढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी ने 5 लाख रुपये तक का बीमा दिया है, और मुख्यमंत्री कार्यालय से पत्र आने पर 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी मिलती है।

सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उत्तम रूप से चल रही हैं। इसी भावना से शुरू हुआ यह हॉस्पिटल गरीब जनता के लिए वरदान साबित होगा।”

आधुनिक सुविधाओं से युक्त, मानवता को समर्पित हॉस्पिटल

डॉ. विरेंद्र घैसास ने बताया-“यह हॉस्पिटल हर मरीज की सावधानीपूर्वक देखभाल, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा और अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों से उपचार हेतु प्रतिबद्ध है। मानवता की सेवा इसकी मूल प्रेरणा है।”

‘सेवा की जिम्मेदारी हम पूरी निष्ठा से निभाएंगे’ – डॉ. सुचित्रा कराड नागरे

डॉ. सुचित्रा कराड नागरे ने स्वागत भाषण में कहा

“माईर्स संस्थान ने एक बड़ी स्वास्थ्य सेवा की जिम्मेदारी अपने कंधे पर ली है और हम यह जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाएंगे।

संचालन व आभार 

इस समारोह का सूत्रसंचालन डॉ. वैशाली कोरडे और डॉ. तुषार खाचणे ने किया।समाप्ति पर उन्होंने सभी अतिथियों और सहभागियों का आभार व्यक्त किया।

 

 

 

 

 

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