
रमेश सोनकर (चेयरमैन प्रतिनिधि, सपा) का वक्तव्य , बिजली व्यवस्था को लेकर क्या कहा..
‘‘ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की कार्यशैली से प्रदेश में ऐतिहासिक सुधार, सुल्तानपुर की बिजली व्यवस्था सामान्य’’
दोस्तपुर, सुल्तानपुर विशाल समाचार
रमेश सोनकर (चेयरमैन प्रतिनिधि), समाजवादी पार्टी, दोस्तपुर सुल्तानपुर ने कहा कि माननीय नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा जी की कार्यशैली को लेकर, खासतौर से उनके दोनों विभाग — नगर विकास एवं ऊर्जा — में हो रहे विकास कार्यों एवं प्रदेश के नागरिकों को मिल रहे साफ़-सुथरे एवं स्वच्छ वातावरण तथा अभूतपूर्व विद्युत आपूर्ति जैसी सुविधाओं से कुछ लोगों को बेवजह समस्या हो रही है, जबकि धरातल पर काफी बदलाव देखने को मिल रहा और दबी जुबान से सभी इस बात को स्वीकार्य भी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सुल्तानपुर की विद्युत् आपूर्ति की घटना को सही से जनता के बीच न रखकर सोशल मीडिया में प्रसारित कर उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है, जबकि काफ़ी लोगों ने, यहाँ तक कि पक्ष एवं विपक्ष के जनप्रतिनिधियों ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि सुल्तानपुर में विद्युत् आपूर्ति सामान्य है और ऊर्जा मंत्री जी के नेतृत्व में पहले की अपेक्षा विद्युत् आपूर्ति एवं व्यवस्था में बहुत सुधार हुआ है।
मंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश की 50 वर्ष पुरानी बदहाल विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। पुरानी जर्जर लाइनों, खंभों को हटाकर नया लगाया जा रहा है, जिससे विद्युत् व्यवधानों में काफ़ी कमी आई है। वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि से और नए फीडर एवं उपकेंद्र बनाने से सभी के लिए विद्युत् सुलभ हुई है। इससे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी बच्चों की पढ़ाई बल्ब की रोशनी में हो रही है और लोग अपना कामकाज एवं स्वरोजगार अपने निवास क्षेत्र में ही कर रहे हैं, जबकि पहले कामकाज की तलाश में अन्य राज्यों में जाना पड़ता था।
विद्युत् की सुलभता से लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए भी भरपूर बिजली मिल रही है, जिससे डीजल पम्पसेट और डीज़ल का खर्चा बच रहा है। इससे उनकी फसल की लागत कम हो रही है और पैदावार अधिक हो रही है। मंत्री जी द्वारा नई तकनीक व्यवस्था को दोनों विभागों में लागू करने एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग व जनसुनवाई से लोगों की शिकायतों का भी त्वरित समाधान हो रहा है।
मंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विद्युत् उपलब्धता के मामलों में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। प्रदेश में कई नए तापीय विद्युत् प्लांट लगाए जा रहे हैं। विगत तीन वर्षों से उत्तर प्रदेश विद्युत् आपूर्ति एवं उपलब्धता के मामलों में देश के महाराष्ट्र, गुजरात जैसे सर्वाधिक विद्युत् आपूर्तिकर्ता राज्यों से भी 5000 से 8000 मेगावाट क्षमता की प्रदेश में अधिक विद्युत् आपूर्ति प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए सकुशल की गई, जिस पर पूरे देश को गर्व है।
मंत्री जी के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी को निर्बाध विद्युत् आपूर्ति सुलभ कराई जा रही है। यह किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है, फिर भी बेहतर तकनीक एवं व्यवस्था से इस कार्य को सकुशल पूरा किया जा रहा है। आने वाले समय में इसमें और अधिक सुधार देखने को मिलेगा और वह दिन भी दूर नहीं जब पूरे प्रदेश को चौबीस घंटे निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति मिलेगी।
तब शायद किसी को शिकायत का मौका भी न मिले। प्रदेशवासियों को भी प्राकृतिक आपदाओं, आंधी, तूफान, बारिश, पेड़ों के टूटने, वाहनों के टकराने से पोल, लाइन और ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने से बाधित विद्युत् आपूर्ति के दौरान धैर्य एवं सहनशीलता का परिचय देने और सहयोग प्रदान करने से विद्युत् आपूर्ति को अतिशीघ्र बहाल करने में ही नहीं बल्कि विद्युत् कार्मिकों के मनोबल को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे हम सभी मिलकर उत्तर प्रदेश को एक समृद्ध एवं खुशहाल प्रदेश बना सकेंगे।
“इतना ही नहीं यह एक समाजवादी के मुंह पर जोरदार तमाचा है।जो कहते हैं कि बिजली व्यवस्था और विकास के नाम पर हर वार सरकार को कोसते हैं। तो उन लोगों को रमेश सोनकर प्रतिनिधि व चेयरमैन सुल्तानपुर का विडियो अवश्य देखना चाहिए।दूध का दूध पानी अलग हो जायेगा.



