पूणे

स्वास्थ्य सेवा में पर्यावरण शाश्वतता को चालना देने के लिए नोबल हॉस्पिटल्स का ‘नोबलराईज’ उपक्रम

स्वास्थ्य सेवा में पर्यावरण शाश्वतता को चालना देने के लिए नोबल हॉस्पिटल्स का ‘नोबलराईज’ उपक्रम

 

पुणे, :स्वास्थ्य सेवा प्रदान करते हुए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की ओर महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नोबल हॉस्पिटल्स अँड रिसर्च सेंटरने ‘नोबलराईज’ यह शाश्वतता और पर्यावरण के लिए एक नया उपक्रम शुरू किया है. यह उपक्रम मरीजों की तरह पर्यावरण को केंद्र स्थान पर रखने के अस्पताल के वचनबद्धता को प्रतिबिंबित करता है.

 

अस्पताल के १८ वे स्थापना दिन समारंभ के दौरान शुरू किया गया नोबलराईज यह विभिन्न विभागों के आरोग्य सेवकों के सहयोग द्वारा संचालित शाश्वतता अभियान है. इस उपक्रम का औपचारिक अनावरण नोबल हॉस्पिटल्स अँड रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष और व्यवस्थापकीय संचालक डॉ. दिलीप माने और संचालक डॉ. दिविज माने के उपस्थिति में किया गया.

 

अभिनव, पर्यावरणपूरक और ऊर्जा का संवर्धन उपाय योजनाओं में, मरीज आराम करते समय ऊर्जा की बचत, शस्त्रक्रिया कक्ष के अलावा अन्य जगहों में कपड़े धोने के लिए पानी और रसायन का इस्तेमाल कम करने के लिए पर्यावरणपूरक काउच रोल्स, चिकित्सा कक्ष के अलावा अन्य जगहों में डिस्पोजेबल के जगह वापस इस्तेमाल कर सके ऐसे हेवी-ड्युटी ग्लोव्हज, कर्मचारियों के लिए सिंगल-यूज पेपर कप की जगह सिरेमिक कप, ऑटोमेटेड टॅप और नैचरल डिऑडरायझिंग एजंट्स से तैयार सेंसर-बेस्ड वॉशरूम, बैटरी का नुकसान कम करने के लिए रिचार्जेबल चिकित्सा संसाधन और ऊर्जा के दीर्घकालीन कार्य के लिए सोलआरएक्स इस सौर पैनल का समावेश है.

 

कर्मचारी और अस्पताल में आने वाले लोगों में जागरूकता निर्माण करने के लिए और लोगों का सहभाग बढ़ाने के लिए अस्पताल के लॉबी में इस हरित उपक्रम का प्रदर्शन किया गया था.

 

नोबल हॉस्पिटल्स अँड रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष और व्यवस्थापकीय संचालक डॉ. दिलीप माने ने कहा की, “समग्र पर्यावरण और समाज के लिए साथ आना यह केवल एक संकल्पना नहीं है बल्कि यह हम सब की जिम्मेदारी है. लाइफ इस प्रेशियस… वी केयर फॉर इट’ यही हमारा बोधवाक्य है जो मरीजों के साथ-साथ उनके आस-पास के पर्यावरण का ध्यान रखने की जरुरत को दर्शाता है. नोबलराईज द्वारा स्वास्थ्य सेवा में करुणा, अभिनवता और शाश्वतता इन तत्वों के लिए हम वचनबद्ध है.

 

संचालक डॉ. दिविज माने ने कहा की, “नोबलराईज इस उपक्रम के बारे में विशेष बात है उनके कर्मचारियों की पहल. नर्स से तकनीशियन तक, सभी एक हरित आरोग्य व्यवस्था निर्माण करने के लिए योगदान दे रहे है. यह सामूहिक जिम्मेदारी है. स्वास्थ्य सेवक के रूप में हमें मरीजों के स्वास्थ्य के साथ वह जिस वातावरण में ठीक हो रहे है वह वातावरण अच्छा रखना जरूरी है. मरीजों की सेवा या चिकित्सा कार्यक्षमता से समझौता किये बिना, शाश्वतता के दृष्टिकोण से हर रोज इस्तेमाल में होने वाली चीजे और तरीकों का पुनर्विचार करने के लिए नोबलराईज हमारे टीम को प्रोत्साहित करता है.”

 

डॉ. दिविज माने ने आगे कहा की, पिछले कुछ सालों में उठाये गए जरुरी कदमों को यह उपक्रम आगे ले जा रहा है. इससे पहले, पिछले कुछ सालो में कुछ पर्यावरणपूरकता के दृष्टी से हाथों में लिए उपक्रमों में अद्ययावत स्मार्ट एचव्हीएसी (हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग) प्रणाली, ऊर्जा का इस्तेमाल कम करने के लिए चिलर्स का आधुनिकीकरण, खरीदी की कीमत ज्यादा हो तब भी पर्यावरणपूरक बांधकाम साहित्य का इस्तेमाल इन सभी का समावेश है. इसके अलावा हमारी ४० प्रतिशत ऊर्जा सौर ऊर्जा जैसी अक्षय ऊर्जा स्रोत से आती है. सामान्य कचरे का ठीक से वर्गीकरण जिससे यह कचरा खुले में नहीं रह जाये ऐसे कई चीजों के बारे में हम प्रयत्नशील है.

 

समूह कार्यकारी अधिकारी, डॉ. संजय पठारे ने कहा की, “मरीज और पर्यावरण इन दोनों का ध्यान रखते हुए स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना यह हमारा ध्येय है.

 

गुणवत्ता और नर्सिंग सेवा संचालक तृप्ती नंदा ने कहा की, “पुणे के एकमेव जेसीआय- मान्यता प्राप्त अस्पताल के रूप में, नोबल हॉस्पिटल्स केवल चिकित्सक सेवा में ही नहीं तो कार्यरत शाश्वतता में अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम तरीकों का अमल करने के लिए वचनबद्ध है. हमारे मरीजों के लिए हो, लोगों के लिए हो या अपने पर्यावरण के लिए हो जेसीआय के सिद्धांत सिर्फ मानक नहीं है वह हमारी कार्य संस्कृती है.

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