स्वास्थ्यपूणे

निर्धन व दुर्बल वर्ग के मरीजों को धर्मार्थ अस्पतालों से बड़ा सहारा

निर्धन व दुर्बल वर्ग के मरीजों को धर्मार्थ अस्पतालों से बड़ा सहारा

 

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल से 5 हजार से अधिक मरीजों को 6.52 करोड़ रुपये की चिकित्सा सहायता

पुणे:  समाज के निर्धन व दुर्बल वर्ग के मरीजों को धर्मार्थ (चैरिटेबल) अस्पतालों के माध्यम से राहत मिल रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन और राज्यस्तरीय विशेष चिकित्सा सहायता कक्ष प्रमुख रामेश्वर नाईक के प्रयासों से 1 जनवरी से 31 मई 2025 तक पुणे जिले के 5,112 मरीजों को कुल 6 करोड़ 52 लाख 56 हजार 657 रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई।

धर्मार्थ अस्पतालों में आरक्षित खाटें

महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट एक्ट, 1950 की धारा 41-AA तथा बॉम्बे हाईकोर्ट (रिट याचिका क्रमांक 3132/2004) के निर्णयानुसार, धर्मार्थ अस्पतालों को अपनी कुल खाटों (बेड) में से 10 प्रतिशत खाटें निर्धन मरीजों के लिए मुफ्त और 10 प्रतिशत खाटें दुर्बल वर्ग के मरीजों को रियायती दर पर देना अनिवार्य है।

विशेष चिकित्सा सहायता कक्ष की भूमिका

निर्धन मरीजों को धर्मार्थ अस्पतालों में आरक्षित खाटें समय पर व पारदर्शी ढंग से उपलब्ध हों, इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय, मंत्रालय (मुंबई) में राज्यस्तरीय विशेष चिकित्सा सहायता कक्ष कार्यरत है। इसके प्रमुख रामेश्वर नाईक हैं।

इस कक्ष की जिम्मेदारियों में शामिल हैं:

आरक्षित खाटों की उपलब्धता सुनिश्चित करना

मरीजों को रियल-टाइम जानकारी देना

किस अस्पताल में कौन-सी बीमारी का इलाज उपलब्ध है, इसकी जानकारी देना

मरीजों और परिजनों को रियायतों की जानकारी प्रदान करना

अस्पतालों में नियुक्त समन्वयकों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराना

इसके लिए विशेष ऑनलाइन प्रणाली विकसित की गई है, जिस पर राज्यस्तरीय समिति सतत निगरानी रखती है।

पुणे जिले में 58 धर्मार्थ अस्पताल

पुणे जिले के कुल 58 धर्मार्थ अस्पतालों में गरीब मरीजों को लाभ मिल रहा है। इन अस्पतालों को शासन की ओर से कर व अनुदान संबंधी रियायतें प्राप्त होती हैं। इसलिए आरक्षित खाटें उपलब्ध कराना उनकी कानूनी जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कार्यरत जिलास्तरीय समिति द्वारा अस्पतालों की खाटों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाती है और इस पर राज्यस्तरीय कक्ष निगरानी रखता है।

चिकित्सा सहायता हेतु आवेदन प्रक्रिया

मरीजों को सहायता प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होता है।

आवश्यक दस्तावेज़:आधार कार्ड,राशन कार्ड,पैन कार्ड , आय प्रमाण पत्र (तहसीलदार द्वारा निर्गत)

अस्पताल से प्राप्त उपचार का अनुमान पत्र

कहां संपर्क करें?जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष, पुणे

पता: कक्ष क्र. 10, तळमजला, जुनी जिला परिषद, पुणे

डॉ. मानसिंग साबळे, जिलास्तरीय कक्ष के चिकित्सा अधिकारी व अध्यक्ष

सहायता हेतु संपर्क: मो. नं. 8087678977 / ईमेल: cmrfpune@gmail.com

टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800 123 2211

ऑनलाइन पोर्टल: https://charitymedicalhelpdesk.maharashtra.gov.in

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

रामेश्वर नाईक, प्रमुख – मुख्यमंत्री सहायता निधि व धर्मार्थ अस्पताल सहायता कक्ष, मंत्रालय मुंबई

“पारदर्शी व ऑनलाइन प्रणाली से आरक्षित खाटों की जानकारी मरीजों को आसानी से उपलब्ध हो रही है। समय पर उपचार मिलने से मरीजों के प्राण बचाने में मदद हो रही है। पुणे जिले में वितरित की गई 6.52 करोड़ की सहायता मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस की पहल का प्रत्यक्ष उदाहरण है।

जितेंद्र डुडी, जिलाधिकारी, पुणे

“पुणे जिले में 58 धर्मार्थ अस्पताल कार्यरत हैं। इन्हें शासन की ओर से सवलतें प्रदान की जाती हैं, इसलिए गरीब मरीजों को आरक्षित खाट उपलब्ध कराना इनकी जिम्मेदारी है। रियायत का लाभ लेने हेतु मरीजों को शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है।”

संकलन: जिला सूचना कार्यालय, पुणे

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