रीवा

विकासखण्डों में एक लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य 15 सितम्बर तक पूरा करें – कमिश्नर

विकासखण्डों में एक लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य 15 सितम्बर तक पूरा करें – कमिश्नर

अधूरी गौशालाओं का निर्माण 30 सितम्बर तक अनिवार्य रूप से पूरा करें – कमिश्नर

 

रीवा राजू उर्फ अनिल सिंह कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित संभागीय बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि सभी अधिकारी क्षेत्र का नियमित रूप से भ्रमण करें। भ्रमण करके विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करें। ग्राम पंचायतों से सतत संवाद बनाए रखें। जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ग्रामीण विकास की धुरी हैं। शासन की उच्च प्राथमिकता की सभी योजनाओं और कार्यक्रमों की पूरी जानकारी रखकर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। पर्यावरण संरक्षण के लिए एक पेड़ माँ के नाम अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रत्येक विकासखण्ड में एक लाख पौध रोपित करने का लक्ष्य 15 सितम्बर तक पूरा करें। इसके लिए अन्य विभागों का भी सहयोग लें। स्वसहायता समूहों, सामाजिक संगठनों तथा व्यक्तिगत रूप से रोपित पौधों की जानकारी वायुदूत ऐप में अपलोड कराएं। एक बगिया माँ के नाम योजना से वृक्षारोपण के स्वीकृत सभी कार्यों की प्रशासकीय और तकनीकी स्वीकृति सात दिवस में जारी करें। समय सीमा का पालन न होने पर संबंधित कार्यपालन यंत्री और सहायक यंत्री के विरूद्ध निलंबन की कार्यवाही की जाएगी।

 

कमिश्नर ने कहा कि सभी जिलों में बड़ी संख्या में निराश्रित गौवंश हैं। इन्हें अभियान चलाकर गौशालाओं में व्यवस्थित कराएं। अधूरी गौशालाओं का निर्माण 30 सितम्बर तक अनिवार्य रूप से पूरा करें। गौशालाओं में बिजली, पानी, चारा तथा गौवंश के उपचार की समुचित व्यवस्था करके वहाँ गौवंश को आश्रय दें। मध्यान्ह भोजन का वितरण अधिक प्रभावी बनाएं। मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। निर्माण कार्यों की प्रगति भी संतोषजनक नहीं है। कार्यपालन यंत्री क्षेत्र का भ्रमण करके निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। मनरेगा में बजट में लक्ष्य के विरूद्ध सीधी, मैहर और सतना जिले में 60 प्रतिशत उपलब्धि है। ऐसी स्थिति सहन नहीं की जाएगी। जिला पंचायत के सीईओ ग्राम पंचायतवार कार्यों की समीक्षा करके निर्धारित लक्ष्य के अनुसार मानव दिवस सृजित कराएं।

 

कमिश्नर ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल तीन माह का नहीं है। भावी पीढ़ी का भविष्य तभी सुरक्षित होगा जब हम जल संरक्षण की आज से चिंता करेंगे। जल संरक्षण के अधूरे निर्माण कार्यों को वर्षाकाल के बाद पुन: शुरू करके 30 नवम्बर तक पूरा कराएं। जल संरक्षण के कार्य में हर व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित करें। निर्माण कार्यों में कार्य पूरा किए बिना तथा मूल्यांकन के बिना जहाँ राशि आहरित कर ली गई है वहाँ वसूली की कार्यवाही करने के साथ संबंधित के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराएं। संभाग के 5847 गांवों में से 3738 गांवों में मुक्तिधाम का निर्माण पूरा हो गया है। शेष गांवों में 31 अक्टूबर तक मुक्तिधाम का निर्माण अनिवार्य रूप से पूरा कराएं। बैठक में गत वर्ष से स्वीकृत किंतु शून्य राशि व्यय होने वाले निर्माण कार्यों को निरस्त करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिंगरौली गजेन्द्र सिंह नागेश, जिला पंचायत रीवा मेहताब सिंह गुर्जर, संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, सभी जिलों के कार्यपालन यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, सहायक यंत्री, जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी उपस्थि

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