पूणे

पीबीएमए के एच.व्ही.देसाई आय हॉस्पिटल द्वारा कॉर्निया रिट्रिव्हल प्रशिक्षण सत्र का आयोजन    

पीबीएमए के एच.व्ही.देसाई आय हॉस्पिटल द्वारा कॉर्निया रिट्रिव्हल प्रशिक्षण सत्र का आयोजन  

 

पुणे : पीबीएमए के एच.व्ही.देसाई आय हॉस्पिटल द्वारा हालही में राष्ट्रीय नेत्रदान पंधरवडा के अवसर पर कॉर्निया रिट्रिव्हल प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया था. एच.व्ही.देसाई आय हॉस्पिटल और एमआयएमईआर मेडिकल कॉलेज ॲन्ड जनरल हॉस्पिटल,तलेगांव यहाँ पर इन कार्यशाला का आयोजन किया गया था.

 

भारत में प्रत्यारोपण के लिए कॉर्निया की कमी के कारण, यह पहल देशभर में संकलित होनेवाले कॉर्निया और दृष्टि- पुनर्संचयित प्रत्यारोपण की मांग के बीच के अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इस वर्ष,आय बैंक और कॉर्नियल रिट्रीवल के विषयों पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान करके भावी नेत्र रोग विशेषज्ञों के कौशल को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया.

 

पदव्युत्तर छात्रों और फेलोशिप प्राप्तकर्ताओं के लिए डिज़ाइन की गई इस प्रशिक्षण कार्यशाला में छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान, लाइव प्रदर्शन और कॉर्नियल रिट्रिव्हल प्रक्रिया में प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया गया.

 

इन सत्रों का नेतृत्व एक विशेषज्ञ टीम द्वारा किया गया ,जिसमे एच.व्ही.देसाई आय हॉस्पिटल के कॉर्निया विभागप्रमुख व नेत्रपेढी अधीक्षक डॉ.शिल्पा जोशी, नेत्रतज्ञ डॉ.स्नेहल घाडगे,नेत्रतज्ञ डॉ.पूजा अंधारे,नेत्रपेढी के उपव्यवस्थापक सतीश कुरपड, नेत्रदान समुपदेशक उर्मिला प्रभुणे व मनिषा पांढरे इसके साथ नेत्रपेढी तंत्रज्ञ सुशांत यादव इनका समावेश था. एमआयएमईआर के नेत्ररोग चिकित्सा विभाग प्रमुख डॉ.स्मिता पवार के पुढाकार से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था.

 

इन कार्यशालाओं में नेत्रदान के महत्व पर जोर देने के लिए शैक्षिक मार्गदर्शन, प्रत्यक्ष प्रदर्शन और प्रत्यक्ष प्रशिक्षण शामिल था. इसके साथ कॉर्नियल रिट्रिव्हल से संबंधित नैतिक पहलुओं पर भी चर्चा की गई.

 

छात्रों को ज्ञान के साथ-साथ कौशल प्रदान करके,इस प्रकार के उपक्रम चिकित्सा विशेषज्ञता को बढ़ाने के साथ-साथ नेत्रदान के जीवन बदलने वाली प्रभावों के बारे में सहानुभूति और जागरूकता पैदा कर रही हैं.

 

“एवरीडे हीरोज”, यह इस वर्ष की संकल्पना है जो दाताओं, उनके परिवारों, समुपदेशक , तकनीशियनों और शल्य चिकित्सकों के संयुक्त प्रयासों से किसी की दृष्टि बहाल करने में उनके योगदान पर प्रकाश डालता है.

 

 

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