
भावांतर योजना सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए लाभप्रद है – कलेक्टर
किसान संघ के प्रतिनिधियों व व्यापारियों को दी गई भावांतर योजना की जानकारी
रीवा विशाल समाचार: कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में जिले के किसान संघ के प्रतिनिधियों व व्यापारियों की बैठक संपन्न हुई। कलेक्टर ने कहा कि भावांतर योजना किसानों के लिए अत्यंत लाभप्रद है। इस योजना में एफएक्यू मानक अनुसार किसान की जितनी उपज है सरकार उसको भावांतर योजनान्तर्गत लाभ प्रदान करेगी। कलेक्टर ने कहा कि किसान अपने सोयाबीन के रकबे और उत्पादकता के आधार पर मंडी में सोयाबीन का भावांतर योजना में लाभ प्राप्त कर सकेंगे। राज्य शासन द्वारा किसान के रकबे और उत्पादकता के आधार पर उपज को मंडी में योजना के तहत लाभ प्रदान किया जाएगा। इससे अधिक मात्रा पर भी राज्य शासन द्वारा भावांतर की राशि कृषकों को उनके खाते में प्रदान की जाएगी।
कलेक्ट्रेट के बाणसागर सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सोयाबीन का घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा राज्य के मण्डी के मॉडल भाव विक्रय के मूल्य की अंतर की राशि कृषकों को मिलेगी। किसान द्वारा ई पोर्टल पर पंजीयन 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक किया जाएगा। किसान अपनी उपज मण्डी में बेचेंगे और एमएसपी एवं मण्डी के मॉडल भाव/विक्रय मूल्य के बीच के अंतर की राशि किसान को डीबीटी के माध्यम से भुगतान की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसान इस योजना का लाभ 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक मण्डी में अपनी फसल विक्रय कर ले सकेंगे। कलेक्टर ने बताया कि खुली नीलामी कैमरे की निगरानी में होगी तथा जिला प्रशासन का प्रतिनिधि उपस्थित रहेगा। विक्रय मूल्य, एमएसपी और मण्डी मॉडल भाव दोनों से कम होने पर मॉडल भाव एवं एमएसपी की अंतर की राशि किसान को प्रदान की जाएगी। कलेक्टर ने किसान संघ के प्रतिनिधियों से अपेक्षा की कि इस महत्वपूर्ण योजना का अधिक से अधिक किसानों को लाभ दिलाने के लिए उन्हें जागरूक करें। उन्होंने व्यापारियों को निर्देश दिए कि शासन द्वारा जारी निर्देश का पालन सुनिश्चित करें। इसमें व्यापारी द्वारा कार्टेल बनाकर रेट कम किए जाने के भ्रम को भी दूर करें। बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी, उप संचालक कृषि यूपी बागरी, किसान संघ के प्रतिनिधि, व्यापारी तथा मण्डी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित
रहे।

