
मुख्यमंत्री महोदय उपमुख्यमंत्री का इस्तीफा लेंगे?
महार वतन ज़मीन घोटाला मामला — ‘बसपा’ का फडणवीस से सीधा सवाल
पार्थ पवार सहित सभी के खिलाफ ‘अट्रोसिटी’ केस दर्ज करने की मांग
पुणे, डीएस तोमर
राज्य की सांस्कृतिक राजधानी पुणे में तथाकथित महार वतन ज़मीन लेनदेन मामले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश महासचिव एवं पश्चिम महाराष्ट्र ज़ोन प्रमुख डॉ. हुलगेश चलवादी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मांग की है कि पार्थ पवार और उनके साथ मिलकर षड्यंत्र करने वाले सभी लोगों के खिलाफ अट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
साथ ही उन्होंने कहा कि इस विवादित ज़मीन का सौदा रद्द कर मूल मालिकों को पुनः हस्तांतरित किया जाए। डॉ. चलवाड़ी ने शुक्रवार (7 नवंबर) को पत्रकारों से बात करते हुए यह भी कहा कि पुणे पुलिस आयुक्त को किसी भी राजनीतिक दबाव में आए बिना पार्थ पवार के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करना चाहिए।
डॉ. चलवादी ने बताया कि इस पूरे मामले की शिकायत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) को भी की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में निवासी जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा है।
डॉ. चलवादी ने कहा —“पुणे की लगभग हजार एकड़ ज़मीन महार वतन की है। यह ज़मीन हमारे पूर्वजों के शौर्य और इतिहास का प्रतीक है। मगर वर्षों से इन ज़मीनों को अवैध रूप से हड़पा गया है। वानवड़ी, रावेत, वाघोली, वाकड, येरवडा, खराड़ी, वडगांव शेरी, घोरपड़ी, नायडू हॉस्पिटल, धानोरी और लोहगांव जैसे इलाकों में ऐसी कई ज़मीनें हैं।”
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस पूरे मामले में स्वयं दखल दें और विशेष समिति बनाकर इन ज़मीनों को मूल मालिकों को वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू करें।
बसपा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो पार्टी सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएगी।
डॉ. चलवादी ने कहा कि पुणे के सर्वे नंबर 88, मुंडवा की ज़मीन महार वतन की है, जिसे कानून के अनुसार खरीदा या बेचा नहीं जा सकता। इसके बावजूद इस ज़मीन की अवैध खरीद-फरोख्त कर वतनदारों के साथ धोखाधड़ी की गई है।
उन्होंने तीखा सवाल उठाया —
“इस गंभीर प्रकरण में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार क्या इस्तीफा लेंगे?”
डॉ. चलवादी ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो बसपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि महार वतन की ज़मीनों के लिए बहुजन समाज एकजुट होकर संघर्ष करे। बसपा ने यह भी मांग की कि पुणे ज़िले की सभी महार वतन ज़मीनों का पुनः सर्वेक्षण कराया जाए, हड़पी गई ज़मीनें मूल मालिकों को लौटाई जाएं, और पुणे शहर तहसीलदार द्वारा अपने कार्यकाल में महार, रामोशी और पाटील वतन से जुड़े मामलों में दिए गए आदेशों की जांच की जाए।


