
जनजातीय कार्य मंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से की जनजातीय गौरव दिवस के तैयारियों की समीक्षा
भगवान बिरसा मुंडा की जयंती का राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा जबलपुर में
रीवा विशाल समाचार. भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पूरे प्रदेश में जन जातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जबलपुर में 15 नवंबर को आयोजित जनजाति गौरव के राज्य स्तरीय समारोह का शुभारंभ करेंगे। जनजातीय कार्य मंत्री श्री कुंवर विजय शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनजातीय गौरव दिवस समारोह के तैयारी की समीक्षा की। मंत्री श्री शाह ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस प्रदेश स्तर, जिला स्तर, विकासखंड स्तर और ग्राम पंचायत स्तर पर मनाया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों में गुजरात में नर्मदा में आयोजित प्रधानमंत्री जी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह के सीधा प्रसारण की व्यवस्था करायें। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश की जनजाति वर्ग की अलग-अलग क्षेत्र की प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता भारतीय टीम के सदस्य बेटी क्रांति गौड़ को भी इस समारोह में सम्मानित किया जाएगा। समारोह स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा जनजातियों के कल्याण से जुड़ी प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी समारोह स्थल में शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों और विद्यार्थियों की भी सहभागिता होगी। जनजातीय मंत्री ने कहा कि सभी कलेक्टर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम आयोजित करें। इनमें आदिवासी लोक कला लोकगीत और लोक संगीतों की प्रस्तुति भी शामिल करें। श्रेष्ठ कार्य करने वाले जनजाति भाई-बहनों को इन समारोहों में सम्मानित करें। जनजाति वर्ग के कल्याण के लिए सरकार कई नए कदम उठा रही है। अब कन्या छात्रावासों के नाम शबरी माता और रानी दुर्गावती तथा बालक छात्रावासों के नाम शंकर शाह रघुनाथ शाह जैसे महापुरुषों के नाम पर होंगे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमन शुक्ला तथा कमिश्नर जबलपुर धनंजय सिंह भदोरिया ने समारोह के तैयारी की बिंदुवार जानकारी दी। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर कार्यालय के एनआईसी केंद्र से उपायुक्त राजस्व एल आर अहिरवार, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ आरपी सिंह, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ सत्यभामा अवधिया, अधीक्षण यंत्री पीएचई महेंद्र सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


