
महाराणा प्रताप जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश की मांग ने पकड़ा जोर
भारत ही नहीं, विश्वभर में उठ रही वीर शिरोमणि के सम्मान की आवाज
इटावा में महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग
“राष्ट्र के गौरव का सम्मान नहीं तो इतिहास कभी माफ नहीं करेगा” : — संपादक डीएस तोमर, विशाल समाचार
इटावा लखनऊ/नई दिल्ली। भारत के इतिहास में वीरता, स्वाभिमान, त्याग और राष्ट्रभक्ति के सर्वोच्च प्रतीक माने जाने वाले महाराणा प्रताप की जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग अब देश की सीमाओं से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक चर्चा का विषय बनती जा रही है। देश-विदेश में बसे भारतीयों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि जिस महानायक ने मातृभूमि, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन संघर्ष में समर्पित कर दिया, आज उसी राष्ट्र में उनके सम्मान को लेकर सरकारें गंभीर पहल क्यों नहीं कर रहीं।
संपादक डीएस तोमर, विशाल समाचार ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारत राष्ट्र के गौरव हैं। उनका जीवन त्याग, संघर्ष, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति की ऐसी अमर गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के ऐसे महापुरुषों के सम्मान में केवल औपचारिक कार्यक्रम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि ठोस ऐतिहासिक निर्णय लेने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वर्षों से लगातार महाराणा प्रताप जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग उठती रही है। सोशल मीडिया से लेकर विभिन्न सामाजिक मंचों तक लोग इस विषय पर अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। देशभर में यह भावना मजबूत हो रही है कि राष्ट्रनायकों को उनके योगदान के अनुरूप सम्मान मिलना चाहिए।
डीएस तोमर ने कहा कि महाराणा प्रताप जैसे वीरों ने विदेशी आक्रांताओं के सामने कभी घुटने नहीं टेके। उनका जीवन राष्ट्र की अस्मिता, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा का प्रतीक है। ऐसे महापुरुषों का सम्मान केवल इतिहास की पुस्तकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के इटावा शहर में किसी प्रमुख एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थान पर महाराणा प्रताप की विशाल और भव्य प्रतिमाएं स्थापित कराई जाएं। यह प्रतिमाएं युवाओं में राष्ट्रभक्ति, शौर्य और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि जिन वीरों ने भारत की संस्कृति और सम्मान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया, उनके सम्मान में स्मारक और प्रतिमाएं स्थापित करना राष्ट्र का कर्तव्य है।
संपादक डीएस तोमर ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि देश अपने इतिहास और महापुरुषों के सम्मान के प्रति और अधिक संवेदनशील बने। यदि राष्ट्र अपने गौरवशाली इतिहास का सम्मान करेगा, तभी आने वाली पीढ़ियां अपने संस्कार, संस्कृति और स्वाभिमान से जुड़ी रहेंगी।
उन्होंने भारत सरकार से मांग करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर देशवासियों की भावनाओं का सम्मान किया जाए तथा इटावा में महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमाएं स्थापित कराने की दिशा में शीघ्र निर्णय लिया जाए।


