पूणे

ध्वज दिवस को याद रखें… ध्वज दिवस निधि में योगदान दें… और अपने सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें!

ध्वज दिवस को याद रखेंध्वज दिवस निधि में योगदान दें… और अपने सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें!

मातृभूमि की रक्षा, देश की संप्रभुता की सुरक्षा और करोड़ों भारतीयों की जान की हिफ़ाज़त के लिए सीमा पर दिन-रात तैनात हमारे वीर सैनिकों के शौर्य, समर्पण और त्याग को सलाम करने का दिन है — सशस्त्र सेना ध्वज दिवस।

केंद्र और राज्य सरकारें सैनिकों व उनके परिवारों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएँ संचालित करती हैं, परंतु देशवासियों को भी सैनिकों के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वाह करने और सीधे उनके परिवारों के लिए योगदान करने का अवसर मिले, इसी उद्देश्य से हर वर्ष 7 दिसंबर को ध्वज दिवस निधि का संग्रह किया जाता है।

इस वर्ष भी पूरे देश में यह दिवस राष्ट्रभक्ति और सम्मान की भावना के साथ मनाया जा रहा है।

ध्वज दिवस की पृष्ठभूमि

28 अगस्त 1949 को तत्कालीन रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रत्येक वर्ष 7 दिसंबर को ध्वज दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।

इस दिन नागरिकों को सशस्त्र सेनाओं का प्रतीक छोटे ध्वज प्रदान कर निधि संग्रह की परंपरा शुरू की गई।

1993 में रक्षा मंत्रालय के मार्गदर्शन में विभिन्न सैनिक कल्याण निधियों को मिलाकर एकीकृत नाम “सशस्त्र सेना ध्वज दिवस निधि” रखा गया।

तब से यह राशि सैनिकों और उनके परिवारों की भलाई के लिए उपयोग की जाती है।

ध्वज दिवस का उद्देश्य

 

नागरिकों में देशभक्ति की भावना जागृत करना

सैनिकों के त्याग और योगदान को स्मरण कराना

शहीदों के परिवारों, घायल/अपंग सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण हेतु संसाधन जुटाना

नागरिकों में सहयोग, दानशीलता और कृतज्ञता की भावना विकसित करना

राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना

यह निधि जनसहभाग से संकलित की जाती है और सीधे सैनिकों व उनके परिवारों के कल्याण पर व्यय होती है।

ध्वज निधि किसके लिए उपयोग होती है

ध्वज दिवस निधि से सैनिकों और उनके परिवारों के लिए अनेक कल्याणकारी कार्य किए जाते हैं, जैसे—

घायल/अपंग सैनिकों का उपचार और पुनर्वास

पूर्व सैनिकों को स्वास्थ्य सुविधाएँ

शहीद सैनिकों के परिवारों को आर्थिक सहायता

सैनिकों के बच्चों की शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति

निर्धन/वंचित सैनिक परिवारों को सहायता

सरकार अपनी ओर से दायित्व निभाती है, परंतु समाज द्वारा संवेदना और सहयोग भी बहुत आवश्यक है—इसी भावना से यह निधि संचालित होती है।

निधि का उपयोग

महाराष्ट्र में संकलित ध्वज दिवस निधि का:

60% हिस्सा — राज्य सैनिक कल्याण मंत्री की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा सैनिकों/पूर्व सैनिकों के कल्याणकारी कार्यक्रमों पर खर्च होता है।

40% हिस्सा — राज्यपाल की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा सैनिक छात्रावास, विश्रामगृह और सेवाओं के संचालन में उपयोग होता है।

निधि संग्रह उपलब्धियाँ

वर्ष 2023 में महाराष्ट्र को 36.64 करोड़ रुपये लक्ष्य दिया गया था, जबकि 43.68 करोड़ रुपये यानी 119.21% निधि संकलित हुई।

वर्ष 2024 के लिए 40 करोड़ रुपये लक्ष्य था, जिसके विरुद्ध 48.94 करोड़ रुपये यानी 122.37% निधि एकत्रित हुई।

यह उपलब्धियाँ देशवासियों के सैनिकों के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता की प्रतीक हैं।

उत्कृष्ट निधि संग्रह पर राज्यपाल सम्मान

सशस्त्र सेना ध्वज दिवस 2024 के दौरान सर्वाधिक निधि संग्रह करने के लिए—

छत्रपती संभाजीनगर के प्रभागीय आयुक्त तथा सिंधुदुर्ग, अहिल्यनगर, सोलापुर, बीड, अमरावती, नागपुर इन 6 जिलों के जिलाधिकारी और सैनिक कल्याण अधिकारी को 10 दिसंबर 2025, लोकभवन (राजभवन), मुंबई में राज्यपाल आचार्य देवव्रत के हस्ते प्रशस्ति पत्र और स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया जाएगा।

इसके अलावा 8 दिसंबर को नागपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों ध्वज दिवस निधि संग्रह कार्यक्रम का शुभारंभ होगा।

अनेक संस्थाओं और नागरिकों का योगदान

ध्वज दिवस निधि में योगदान देने हेतु कई स्वयंसेवी संगठन, उद्योग समूह, शिक्षण संस्थाएँ, विद्यार्थी, शिक्षक, सरकारी एवं निजी क्षेत्र के कर्मचारी, अधिकारी और आम नागरिक स्वेच्छा से दान देते हैं।

निधि जमा करने के लिए संपर्क / बैंक विवरण

संचालक, सैनिक कल्याण विभाग, पुणे के नाम

बैंक ऑफ महाराष्ट्र, शाखा – घोरपडी, पुणे

खाता नाम: FLAG DAY FUND (PUBLIC)

A/c No.: 60061347784

IFSC: MAHB0000184

MICR: 411014004

निधि नकद, चेक या CBS माध्यम से जमा की जा सकती है।

नजदीकी विद्यालय, महाविद्यालय, सरकारी कार्यालय या जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में भी राशि जमा की जा सकती है।

ध्वज दिवस निधि हेतु दिए गए दान पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80G(5)(vi) के अनुसार कर छूट उपलब्ध है।

संकल्प एक – योगदान हजारों का

 

सीमा पर डटे हमारे सैनिक धूप-वर्षा-बर्फ, हर कठिन परिस्थिति और हर खतरे का सामना करते हैं…

वे केवल कर्तव्य नहीं निभाते, बल्कि देशसेवा को अपना धर्म मानते हैं।

ऐसे वीरों और उनके परिवारों के सम्मान और कल्याण हेतु कार्य करने का सर्वोत्तम अवसर है — सशस्त्र सेना ध्वज दिवस निधि में योगदान।

वर्ष 2025 का लक्ष्य – 40 करोड़ रुपये

आइए, हम सभी मिलकर अपने सैनिकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करें और ध्वज दिवस निधि में अपना अमूल्य योगदान दें।

 

लेखन: वृषाली मिलिंद पाटील

सहायक संचालक (सूचना)

विभागीय सूचना कार्यालय, कोल्हापुर

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