
विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू, अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे, :भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम की शुरुआत जिले में कर दी गई है। इस संबंध में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में मतदाता पंजीकरण अधिकारियों एवं सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने की।
जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एसआईआर कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विधानसभा क्षेत्र स्तर पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएं तथा मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पुणे जिले में मतदाताओं की संख्या राज्य में सबसे अधिक है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। इसके लिए गणना प्रपत्रों की छपाई एवं वितरण सुनियोजित तरीके से किया जाए तथा मतदाताओं द्वारा समय पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में राजनीतिक दलों के साथ समन्वय बढ़ाने, नियमित संवाद बनाए रखने तथा प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि इस अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए प्रत्येक बुधवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।
उन्होंने शहरी क्षेत्रों में आवासीय सोसायटियों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के सहयोग से अभियान चलाने तथा तृतीय लिंग समुदाय, दिव्यांगजन, देह व्यापार से जुड़ी महिलाओं एवं 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ मतदाताओं तक पहुंचने के लिए सामाजिक संगठनों की सहायता लेने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम की प्रमुख तिथियां
29 जून तक बीएलओ का प्रशिक्षण एवं गणना प्रपत्रों की छपाई।
30 जून से 29 जुलाई तक घर-घर जाकर प्रपत्र वितरण।
5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन।
5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।
5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई।
7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों को एसआईआर प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई तथा उनकी शंकाओं का समाधान भी किया गया।
