
कमिश्नर ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से की समाधान ऑनलाइन प्रकरणों की समीक्षा
कमिश्नर ने पटवारी और तहसीलदार पर कार्यवाही के दिए निर्देश
रीवा विशाल समाचार संवाददाता:रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने संभाग के सभी जिलों में समाधान ऑनलाइन के एजेण्डा बिन्दुओं में शामिल आवेदन पत्रों के निराकरण की समीक्षा की। संभाग के विभिन्न जिलों में 14 आवेदन पत्र इस माह की समाधान ऑनलाइन की समीक्षा में शामिल हैं। कमिश्नर ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समाधान ऑनलाइन के एजेण्डा बिन्दुओं में लंबित आवेदनों पर तत्परता से कार्यवाही करें। प्रकरण में अंतिम कार्यवाही होने से पहले उसे फोर्स क्लोज न करें। आमजनता को शासन की योजनाओं का तत्परता से लाभ दें, जिससे उसे योजना का लाभ पाने के लिए भटकने और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने की आवश्यकता न रहे। सीधी जिले में गाज गिरने से भैंस की मौत के राहत प्रकरण के संबंध में कमिश्नर ने कहा कि प्रकरण को मंजूर करने में एक वर्ष की देरी की गई। पटवारी ने प्रकरण के संबंध में सही रिपोर्ट नहीं दी तथा तहसीलदार ने कम राशि का भुगतान किया। कलेक्टर आवेदक को पूरी राशि का भुगतान कराएं। संबंधित पटवारी को निलंबित करें तथा तहसीलदार बहरी को कारण बताओ नोटिस दें।
कमिश्नर ने सतना जिले के प्रकरण की सुनवाई करते हुए कहा कि ग्राम पालदेव में आवेदक के कटहल के पेड़ों के ऊपर से बिजली के तार गए हैं। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लाइन शिफ्टिंग की कार्यवाही करें। सतना जिले के एक अन्य प्रकरण के संबंध में कमिश्नर ने कलेक्टर और वन मण्डलाधिकारी को मौके पर जाकर वस्तुस्थिति के अनुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान रीवा जिले के दो, सिंगरौली जिले के तीन, सतना जिले के तीन, सीधी जिले के तीन तथा मैहर एवं मऊगंज के एक-एक आवेदन पर सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान 10 आवेदन पत्रों का निराकरण किया गया। सुनवाई के दौरान संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, उपायुक्त एलएल अहिरवार, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, संबंधित संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अन्य जिलों के कलेक्टर तथा अन्य अधिकारी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।


