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कलेक्टर का नवाचार, विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी पहुंचे ग्राम स्तर पर आयोजित जन चौपाल में 

कलेक्टर का नवाचार, विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी पहुंचे ग्राम स्तर पर आयोजित जन चौपाल में 

आमजनों की समस्याओं का मौके पर हुआ निराकरण, सामाजिक विश्वास पैदा करने की पहल 

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: रीवा मध्य प्रदेश 

रीवा  कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने जिले में नवाचार करते हुए विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपनी टीम के साथ जिला स्तर से निर्धारित ग्राम में भ्रमण कर जन चौपाल लगाएं और ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण करें। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार यह नवाचार जहाँ एक ओर आमजनों की समस्याओं का मौके पर निराकरण करने में सफल होगा वहीं ग्रामीणजनों में शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा। साथ ही आमजनों की समस्याएं भी आसानी से निराकृत हो सकेंगी। कलेक्टर श्री सूर्यवंशी स्वास्थ्यगत कारणों से 10 जून तक अवकाश में हैं। फिर भी वह जिले में प्रशासनिक गतिशीलता के लिए सदैव तत्पर रहते हुए आमजनों की समस्याओं के निराकरण करने हेतु संवेदनशीलता के साथ अधिकारियों को लगातार निर्देशित कर रहे हैं।

कलेक्टर के निर्देश पर जवा विकासखण्ड के देवखर, त्योंथर के कटरा, सिरमौर के माड़ौ, रायपुर कर्चुलियान के गौरा, मनगवां के छिवला तथा हुजूर के बिहरिया गांव में जन चौपाल का आयोजन किया गया। एसडीएम के नेतृत्व में विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों ने ग्राम चौपाल में उपस्थित होकर आमजनों की समस्याएं सुनीं और उनका मौके पर ही निराकरण किया। सभी अधिकारी शाम 5 बजे सीमित वाहनों से एक साथ रवाना होकर जन चौपाल में पहुंचे और लोगों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनीं। हुजूर तहसील के बिहरिया गांव में अपर कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी भी उपस्थित रहीं। कलेक्टर के निर्देश पर ग्रामीणजनों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने, सामाजिक विश्वास पैदा करने व नैतिक दायित्व के निर्वहन के उद्देश्य से जन चौपाल का आयोजन किया गया। जन चौपाल में प्राप्त समस्याओं में से अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। शेष समस्याओं को आगामी दो दिनों में निराकृत करने का आश्वासन ग्रामीणजनों को दिया गया। कलेक्टर के निर्देश पर यह जन चौपाल लगातार विकासखण्ड स्तर के चयनित गांव में आयोजित की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीणों को उनके अपने ही गांव में अधिकारियों की उपस्थिति मिले और वे अपनी समस्याओं का समाधान करा सकें और उन्हें अनावश्यक रूप से विकासखण्ड या जिले का चक्कर न लगाना पड़े।

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