
श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को भगवान से जोड़ने का दिव्य माध्यम : अनूप ठाकुर
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: हरदोई उत्तर प्रदेश
जिला हरदोई के ग्राम मिरकापुर में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस पर असलापुर धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक, अखिल विश्व कल्याण पीठ के पीठाधीश्वर, परम पूज्य श्री अनूप ठाकुर जी महाराज ने द्वितीय दिवस की कथा का रसपान कराते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को ईश्वर से जोड़ने वाला दिव्य सेतु है। कथा श्रवण से मन की अशुद्धियां दूर होती हैं तथा व्यक्ति के भीतर भक्ति, प्रेम, दया, सेवा और सदाचार जैसे गुणों का विकास होता है।
महाराज श्री ने कहा कि भगवान की भक्ति ही जीवन का वास्तविक धन है। संसार के सभी भौतिक सुख क्षणभंगुर हैं, किंतु भगवान का नाम और भक्ति शाश्वत आनंद प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा एवं विश्वास के साथ श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य आता है।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में महाराज श्री ने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों में संस्कारों की आवश्यकता पहले से अधिक है। माता-पिता का कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और धार्मिक परंपराओं से जोड़ें। श्रीमद्भागवत कथा समाज में नैतिकता, सद्भावना एवं आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का महान कार्य कर रही है।
कथा के दौरान भगवान की विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। संगीतमयी भजनों एवं कीर्तन पर श्रद्धालु भक्तिरस में झूमते रहे तथा पूरा कथा पंडाल “जय श्री कृष्ण”, और “हरि बोल” के जयघोषों से गुंजायमान रहा।
कार्यक्रम के अंत में महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। कथा में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों एवं श्रद्धालु भक्तों ने उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त किया!



