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दूसरा अंतरराष्ट्रीय फुले फेस्टिवल 2 से 5 जनवरी को पुणे में

दूसरा अंतरराष्ट्रीय फुले फेस्टिवल 2 से 5 जनवरी को पुणे में

चार दिनों तक सावित्रीबाई फुले के विचारों का जागरण, देश-विदेश से 1000 कवि होंगे शामिल

 

पुणे: देश की पहली बालिका विद्यालय की ऐतिहासिक स्थली भिडेवाड़ा के संरक्षण और महात्मा ज्योतिराव फुले तथा ज्ञानज्योति सावित्रीबाई फुले के विचारों के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित दूसरा अंतरराष्ट्रीय फुले फेस्टिवल आगामी 2 से 5 जनवरी 2026 के दौरान पुणे में आयोजित किया जाएगा। यह चार दिवसीय महोत्सव नवी पेठ स्थित एस. एम. जोशी फाउंडेशन के सभागृह में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक आयोजित होगा।

 

फेस्टिवल के मुख्य आयोजक एवं भिडेवाड़ाकार कवि विजय वडवेराव ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इस वर्ष फेस्टिवल का दूसरा संस्करण है, जिसमें महाराष्ट्र सहित देश और विदेश से करीब 1000 कवि, साहित्यकार, विचारक और कलाकार भाग लेंगे।

 

वडवेराव ने कहा कि महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले ने पुणे के बुधवार पेठ स्थित भिडेवाड़ा में देश की पहली बालिका विद्यालय की शुरुआत की थी। इस ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण, फुले दंपती के शैक्षणिक और सामाजिक योगदान को समाज तक पहुंचाना तथा आने वाली पीढ़ियों को इससे जोड़ना ही इस फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य है।

 

चार दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में देश-विदेश के कवियों का अंतरराष्ट्रीय काव्य सम्मेलन, भिडेवाड़ा विषय पर मराठी कविता पाठ, एकल अभिनय, स्कूली विद्यार्थियों द्वारा नाट्य प्रस्तुतियां, एकांकी, संगीतमय पोवाड़े, महिला सशक्तिकरण को समर्पित लाठी-काठी और दांडपट्टा के प्रात्यक्षिक जैसे विविध साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

फेस्टिवल में प्रवेश सभी के लिए निःशुल्क रहेगा। दुबई, लंदन, ऑस्ट्रेलिया, अबूधाबी सहित विदेशों से तथा केरल, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और उत्तरप्रदेश जैसे राज्यों से कवि-कवयित्रियां सहभागिता करेंगी। सैकड़ों फुलेप्रेमी कवि-कवयित्रियों की उपस्थिति में भारतीय संविधान को नमन करते हुए फेस्टिवल का उद्घाटन किया जाएगा।

 

3 जनवरी को सावित्रीबाई फुले जयंती के अवसर पर सैकड़ों कवयित्रियां एक समान रंग की साड़ियों में सावित्रीबाई फुले के वेश में शामिल होकर जयंती समारोह मनाएंगी। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय फुलेप्रेमी समाजरत्न पुरस्कार तथा अंतरराष्ट्रीय संविधान दूत पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

 

इसके अलावा, फेस्टिवल के दौरान 1000 संविधान ग्रंथों का वितरण किया जाएगा तथा स्कूली विद्यार्थियों के लिए संविधानिक मूल्यों पर आधारित 1000 शालेय पैड भी वितरित किए जाएंगे। सावित्रीबाई जयंती कार्यक्रम में शामिल होने वाली 200 कवयित्रियों को सावित्रीबाई फुले की स्मृति में साड़ी या लुगड़ा भेंट किया जाएगा।

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