
चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं देश की अर्थव्यवस्था के डॉक्टर
करियर में नैतिकता, कौशल विकास और तकनीक को अपनाए
डॉ. विद्या येरवडेकर ने कहा; आईसीएआई दीक्षांत समारोह में 1400 विद्यार्थियों को सीए की उपाधि
पुणे विशाल सिंह: समाज के शारीरिक स्वास्थ्य की जिम्मेदारी जहां डॉक्टरों पर होती है, वहीं देश के आर्थिक स्वास्थ्य को मजबूत रखने का दायित्व चार्टर्ड अकाउंटेंट्स पर होता है। सीए देश की अर्थव्यवस्था के डॉक्टर हैं। विद्यार्थी जीवन से पेशेवर जीवन में कदम रखते समय इस जिम्मेदारी को समझते हुए नैतिकता, निरंतर कौशल विकास और आधुनिक तकनीक को अपनाकर अपने करियर को समृद्ध बनाना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की प्रो-चांसलर डॉ. विद्या येरवडेकर ने किया।
दि इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई), नई दिल्ली एवं आईसीएआई पुणे शाखा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दीक्षांत समारोह में वे मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थीं। बानेर स्थित बंटारा भवन में आयोजित इस समारोह में आईसीएआई की केंद्रीय समिति के सदस्य एवं कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक सीए चंद्रशेखर चितळे, समन्वयक सीए उमेश शर्मा, क्षेत्रीय समिति सदस्य सीए अभिषेक धामणे, पुणे शाखा के अध्यक्ष सीए सचिन मिणियार, उपाध्यक्ष सीए प्रणव आपटे, सचिव सीए निलेश येवलेकर, कोषाध्यक्ष सीए नेहा फडके तथा कार्यकारिणी सदस्य सीए हृषिकेश बडवे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। समारोह में कुल 1400 विद्यार्थियों को सीए की उपाधि एवं सदस्यता प्रदान की गई।

डॉ. येरवडेकर ने कहा कि आज का चार्टर्ड अकाउंटेंट केवल ऑडिट तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भागीदार की भूमिका निभा रहा है। वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए वित्तीय ज्ञान के साथ तकनीकी दक्षता भी जरूरी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने का समय आ गया है।
सीए चंद्रशेखर चितळे ने कहा कि भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए वैश्विक स्तर पर व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में भारतीय सीए की मांग तेजी से बढ़ रही है। देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए युवा सीए को ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
सीए उमेश शर्मा ने फॉरेंसिक ऑडिट, जीएसटी और डेटा एनालिटिक्स जैसे नए क्षेत्रों में निरंतर कौशल उन्नयन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पेशेवर अनुशासन, नैतिक आचार संहिता, ग्राहकों के विश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व के महत्व को रेखांकित किया।
प्रस्ताविक भाषण में सीए सचिन मिणियार ने आईसीएआई द्वारा सीए सदस्यों के सर्वांगीण विकास के लिए चलाए जा रहे विभिन्न उपक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उपाधि प्राप्त करना केवल एक चरण है, जबकि प्रभावी और सफल करियर के लिए जीवनभर सीखते रहना आवश्यक है।
इस अवसर पर नवपदस्थापित सीए ने व्यावसायिक आचार संहिता के पालन की शपथ ली। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एवं रैंक प्राप्त विद्यार्थियों का विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन सीए प्रणव मंत्री ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सीए अभिषेक धामणे ने किया।

