
बजाज पुणे ग्रैंड टूर को रिकॉर्डतोड़ प्रतिक्रिया, अंतरराष्ट्रीय स्तर से मजबूत समर्थन
यूसीआई 2.2 रेस के लिए अब तक का सबसे बड़ा खिलाड़ी दल भारत पहुंचेगा
पुणे, विशाल समाचार:पहली ‘बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026’ पुरुषों की अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग रेस इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार है। यूनियन साइक्लिस्ट इंटरनेशनल (यूसीआई 2.2 श्रेणी) की मान्यता प्राप्त इस प्रतिष्ठित रेस में दुनिया के पांच महाद्वीपों के 35 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाली 29 अंतरराष्ट्रीय टीमें और 171 एलीट साइकिलिस्ट भाग लेंगे। अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग जगत से मिली इस अभूतपूर्व प्रतिक्रिया ने पुणे को वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख प्रोफेशनल साइक्लिंग सर्किट के रूप में स्थापित कर दिया है। यह प्रतियोगिता 19 से 23 जनवरी के बीच आयोजित की जाएगी।
पुणे जिला प्रशासन की पहल और महाराष्ट्र सरकार के मजबूत सहयोग से आयोजित यह पांच दिवसीय 437 किलोमीटर लंबी रेस होगी। इसमें एक प्रोलॉग (शुरुआती 8 किलोमीटर का छोटा चरण) और चार मुख्य चरण शामिल होंगे। रेस के दौरान साइकिलिस्ट पुणे के ऐतिहासिक स्थलों से लेकर दक्कन के पठार और सह्याद्री की चुनौतीपूर्ण घाटियों तक विविध भू-भागों से गुजरेंगे।
इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में फ्रांस, ग्रेट ब्रिटेन, बेल्जियम, जर्मनी, नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रेलिया, चीन और थाईलैंड जैसे साइक्लिंग के प्रमुख देशों की टीमें भाग लेंगी। महाद्वीपवार भागीदारी की बात करें तो एशिया से 78, यूरोप से 69, ओशिनिया से 12, अमेरिका से 6 और अफ्रीका से 6 साइकिलिस्ट पुणे पहुंचेंगे।
आमतौर पर यूसीआई 2.2 श्रेणी की रेस में अधिकतम 125 साइकिलिस्ट ही भाग लेते हैं, लेकिन बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026 ने 171 खिलाड़ियों के साथ एक नया वैश्विक रिकॉर्ड स्थापित किया है। इसमें ओडिशा में आयोजित राष्ट्रीय साइक्लिंग चैंपियनशिप से चयनित छह भारतीय साइकिलिस्टों की टीम भी शामिल है।
इस अवसर पर पुणे के जिलाधिकारी और टूर के प्रभारी अधिकारी श्री जितेंद्र डूडी ने कहा,
“पुणे और भारत के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। हम विश्वस्तरीय साइक्लिंग रेस के आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि पेशेवर साइक्लिंग की दुनिया में भारत के उभरते कद का प्रतीक है। पुणे को कभी साइक्लिंग शहर के रूप में पहचाना जाता था, उस पहचान को फिर से जीवंत करते हुए हमें गर्व महसूस हो रहा है। हमने 120 वर्षों की विरासत वाली ‘टूर डी फ्रांस’ से प्रेरणा ली है।”
रेस के तकनीकी निदेशक श्री पिनाकी बसाक ने कहा,
“यूसीआई 2.2 श्रेणी में 171 खिलाड़ियों की भागीदारी अभूतपूर्व है। पहले ही वर्ष में भारत द्वारा यह उपलब्धि हासिल करना वैश्विक साइक्लिंग जगत के लिए एक बड़ी घटना है। पुणे का चुनौतीपूर्ण भू-भाग और जिला प्रशासन द्वारा रिकॉर्ड समय में विकसित की गई अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं ने इसे संभव बनाया है।”
रेस के चार चरण इस प्रकार होंगे:
गुडलक चौक से डेक्कन बस स्टॉप के बीच 8 किलोमीटर का प्रोलॉग आयोजित किया जाएगा।
चरण 1: मुलशी–मावल माइल्स (91.8 किमी)
यह चरण हिंजवडी आईटी हब से होकर गुजरेगा और तेज रफ्तार तथा शहरी मोड़ों के कारण खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता की परीक्षा लेगा।
चरण 2: मराठा हेरिटेज सर्किट (109.15 किमी)
पुरंदर किला, सिंहगढ़ और खडकवासला क्षेत्र की कठिन चढ़ाइयां साइकिलिस्टों की सहनशक्ति और रणनीति को चुनौती देंगी।
चरण 3: पश्चिम घाट गेटवे (137.07 किमी)
सासवड़ से बारामती तक का यह चरण अपेक्षाकृत सपाट भू-भाग पर आधारित होगा, जो तेज साइक्लिंग के लिए जाना जाएगा।
चरण 4: पुणे प्राइड लूप (99.15 किमी)
अंतिम चरण पुणे शहर के मध्य से होकर, शनिवारवाड़ा जैसे ऐतिहासिक स्थलों के पास से गुजरते हुए शहर के केंद्र में समाप्त होगा।
बजाज पुणे ग्रैंड टूर 2026 भारतीय खेल जगत के लिए एक निर्णायक और ऐतिहासिक क्षण साबित होने जा रहा है, जिस पर पूरे विश्व की साइक्लिंग बिरादरी की नजरें टिकी हुई हैं।

