
बजाज पुणे ग्रैंड टूर से जिले के कृषि और पर्यटन क्षेत्र को मिलेगी गति
▪️ प्रतियोगिता के लिए विकसित उच्च गुणवत्ता वाली सड़कों से परिवहन हुआ सुगम, किसान, पर्यटक और व्यवसायियों को होगा लाभ
▪️ अंतरराष्ट्रीय साइकिल प्रतियोगिता की तैयारी में योगदान देना देशसेवा, साइकिल रेस से साइकिल का उपयोग फिर बढ़ेगा – ग्रामीणों की भावना
पुणे, विशाल समाचार:
पुणे शहर एवं विशेष रूप से पुणे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 19 जनवरी से आयोजित होने जा रही बजाज पुणे ग्रैंड टूर अंतरराष्ट्रीय साइकिल प्रतियोगिता के अवसर पर विकसित की गई उच्च गुणवत्ता वाली सड़कें जिले की कृषि, लघु उद्योग और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को गति देने में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होंगी। यह विश्वास पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने आज व्यक्त किया।
पुणे श्रमिक पत्रकार संघ में आयोजित पत्रकार परिषद के दौरान जिलाधिकारी डुडी ने बताया कि साइकिल रेस के मार्ग में आने वाले विभिन्न गांवों के नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद कर प्रतियोगिता के कारण विकसित हुई आधारभूत सुविधाओं से विभिन्न क्षेत्रों में संभावित प्रगति को लेकर उनकी भावनाएं मीडिया के समक्ष रखी गईं।
डुडी ने कहा, “जिन लोगों से हमने सीधे संवाद किया, उन्हें समयाभाव के कारण आज यहां उपस्थित नहीं कर सके, लेकिन सड़क विकास से बदली परिस्थितियों को लेकर उनकी भावनाएं उन्हीं के शब्दों में इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं।”
कृषि क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ
साइकिल रेस के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत हुआ सड़क नेटवर्क किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। अब खेतों में उत्पादित फसल को कुछ ही घंटों में शहर की मंडियों तक पहुंचाना संभव होगा। इससे कृषि विकास को मजबूती मिलेगी, ऐसा किसानों ने अपनी भावना व्यक्त की, यह जानकारी जिलाधिकारी ने दी।
सासवड़ क्षेत्र में जैविक खेती के माध्यम से दुर्लभ विदेशी फलों की खेती का सफल प्रयोग चल रहा है। प्रगतिशील किसान महेश पोमण ने ब्लूबेरी, मलबेरी, रोजबेरी, स्ट्रॉबेरी, ब्लैकबेरी और गोजबेरी जैसे फलों की जैविक खेती शुरू की है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय साइकिल रेस के कारण ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता बेहतर हुई है, जिससे फलों को कम समय में बाजार तक पहुंचाना संभव होगा।
सासवड़ क्षेत्र का अंजीर देशभर में प्रसिद्ध है। यहां का तापमान अंजीर की खेती के लिए अनुकूल है। प्रगतिशील किसान बालासाहेब काले ने बताया कि पहले अंजीर को बाजार तक पहुंचाने में समय लगता था, लेकिन अब बेहतर सड़कों के कारण यह पहले से कहीं कम समय में पुणे की मंडियों तक पहुंच सकेगा।
इसी क्षेत्र के किसान अशोक काले ने कहा कि अब ताजा कृषि उत्पाद उसी दिन बाजार में पहुंच पा रहा है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है। यह सब साइकिल रेस के अवसर पर विकसित की गई सड़कों के कारण संभव हुआ है।
पर्यटन को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा
भारत आने वाले विदेशी पर्यटक सामान्यतः राजस्थान, गोवा और केरल को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन भविष्य में यह तस्वीर बदल सकती है। पुणे और उसके आसपास का क्षेत्र विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
भारत में पहली बार पुणे जिले में आयोजित हो रही बजाज पुणे ग्रैंड टूर अंतरराष्ट्रीय साइकिल प्रतियोगिता इसके लिए कारण बन सकती है। इस प्रतियोगिता से आने वाले समय में पुणे और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बड़ी गति मिलेगी और गांवों को आर्थिक मजबूती प्राप्त होगी, ऐसा पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है।
मावल क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। यहां से गुजरने वाली इस अंतरराष्ट्रीय साइकिल रेस में 35 देशों के 29 दलों के 171 अंतरराष्ट्रीय साइकिल खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। यह प्रतियोगिता टेलीविजन के माध्यम से विदेशों में भी प्रसारित होगी, जिससे विश्वभर के साइकिल प्रेमी पुणे जिले से परिचित होंगे।
साई गणेश बोटिंग सेंटर के प्रमुख रोहिदास टेमघरे ने कहा कि इस प्रतियोगिता के कारण मावल क्षेत्र के प्रति विदेशी पर्यटकों की उत्सुकता बढ़ेगी और आने वाले वर्षों में यहां पर्यटकों की संख्या निश्चित रूप से बढ़ेगी।
हड़शी, तिकोना, तुंग, मोरगिरी और पवना जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थल विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। बेहतर सड़कों से इन क्षेत्रों तक पहुंच आसान हुई है।
एग्री-टूरिज्म और रोजगार को भी बढ़ावा
मावल क्षेत्र में एग्री-टूरिज्म रिसॉर्ट्स की संख्या अधिक है। विदेशी पर्यटक यहां ग्रामीण जीवन और कृषि पर्यटन का अनुभव ले सकेंगे। शिक्षक भास्कर जाधव ने बताया कि इससे क्षेत्र की अलग पहचान बनेगी और कृषि विकास को गति मिलेगी।
ऐतिहासिक किलों का महत्व भी बढ़ेगा और वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचेंगे। व्यवसायी मनीषा ठकार ने कहा कि इससे पूरे वर्ष पर्यटन सक्रिय रहेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
मावल क्षेत्र में पॉलीहाउस के माध्यम से डच गुलाब की खेती बड़े पैमाने पर होती है। प्रगतिशील किसान स्वप्नील टेमघरे ने बताया कि साइकिल रेस से मावल को वैश्विक पहचान मिलेगी और फूलों को नए बाजार उपलब्ध होंगे।
देशसेवा की भावना और साइकिल संस्कृति को बढ़ावा
केतकावळे क्षेत्र में साइकिल सवारों की सुरक्षा के लिए लोहे की जाली लगाने का कार्य कर रहे शहाजी पवार और शिवाजी शिंदे ने इसे देशसेवा का अवसर बताया और दिन-रात कार्य कर समय पर काम पूरा किया।
शहाजी पवार ने कहा कि पुणे जिले में इस तरह की अंतरराष्ट्रीय साइकिल प्रतियोगिता आयोजित होना देश, राज्य और जिले के लिए गर्व की बात है और इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
सासवड़ रोड स्थित गणेश साइकिल मार्ट के संचालक संजय पांडुरंग शिवरकर ने बताया कि बीते 50 वर्षों से वे साइकिल व्यवसाय से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि एक समय साइकिल आम लोगों की आवश्यकता थी, फिर उसका उपयोग कम हुआ, लेकिन अब बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के कारण लोग फिर साइकिल की ओर लौट रहे हैं।
संजय शिवरकर ने विश्वास जताया कि बजाज पुणे ग्रैंड टूर जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से आने वाले समय में साइकिल संस्कृति और साइकिल व्यवसाय को नई दिशा मिलेगी।


