
ब्राह्मण समाज को किसी का चोखा-बाटी नहीं चाहिए : मायावती
बसपा सुप्रीमो ने 70वें जन्मदिन पर 2027 में सरकार बनाने का दिया लक्ष्य
लखनऊ धर्मेन्द्र कुमार वर्मा। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि ब्राह्मण समाज को किसी का चोखा-बाटी नहीं चाहिए, बल्कि उसे सम्मान, प्रतिनिधित्व और रोजगार के समान अवसर चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समाज पर अन्याय नहीं होना चाहिए और सभी वर्गों को बराबरी का हक मिलना चाहिए।
मायावती ने यह बातें अपने 70वें जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहीं। इस दौरान उन्होंने बसपा की नीतियों और आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से प्रकाश डाला।
2027 में सरकार बनाने का आह्वान
बसपा सुप्रीमो ने पार्टी कार्यकर्ताओं को 2027 के विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि बसपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने सत्ता में रहते हुए सभी वर्गों—ब्राह्मण, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक—के हितों का समान रूप से ध्यान रखा। कार्यकर्ताओं से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का आह्वान किया गया।
किसी से गठबंधन नहीं
मायावती ने साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल बसपा किसी भी राजनीतिक दल से गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पूर्व अनुभवों से यह स्पष्ट हुआ है कि गठबंधन से पार्टी को अपेक्षित लाभ नहीं मिलता। भविष्य में परिस्थितियों और भरोसे के आधार पर ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
‘मैं दबाव में झुकने वाली नहीं’
मायावती ने कहा कि वह किसी दबाव, लालच या सौदेबाज़ी में नहीं झुकेंगी। पार्टी की कमान उनके मजबूत हाथों में सुरक्षित है और बसपा अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करेगी।
सपा के पीडीए एजेंडे पर निशाना
मायावती ने समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एजेंडे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्गों को आरक्षण का वास्तविक लाभ बसपा सरकार के दौरान ही मिला। मुस्लिम समाज भी उस समय उपेक्षित नहीं रहा, जबकि अन्य सरकारों में केवल दिखावे की राजनीति हुई।
सभी वर्गों को मिलेगा उचित प्रतिनिधित्व
उन्होंने कहा कि बसपा की सरकार बनने पर सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व और भागीदारी दी जाएगी। किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।
पार्टी कार्यक्रम और पुस्तक विमोचन
इस अवसर पर मायावती ने अपनी पुस्तक के 21वें संस्करण का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



