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पुणे पीपल्स बैंक के अमृत महोत्सव पर बोधचिन्ह अनावरण व पुणे पीपल्स पुरस्कार समारोह

पुणे पीपल्स बैंक के अमृत महोत्सव पर बोधचिन्ह अनावरण व पुणे पीपल्स पुरस्कार समारोह

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. राजेंद्र धामणे व डॉ. सुचेता धामणे होंगे सम्मानित

पुणे विशाल समाचार: 

 

वसंत पंचमी के शुभ दिन सन 1952 में स्थापित पुणे पीपल्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पुणे अपने अमृत महोत्सवी वर्ष (75 वर्ष) में प्रवेश कर रहा है। इस अवसर पर शुक्रवार, 23 जनवरी को दोपहर 4 बजे गणेश कला क्रीड़ा रंगमंच में विशेष समारोह का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में अमृत महोत्सव के बोधचिन्ह का अनावरण एवं पुणे पीपल्स पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह जानकारी बैंक के अध्यक्ष श्रीधर गायकवाड ने आयोजित पत्रकार परिषद में दी।

पत्रकार परिषद में बैंक के उपाध्यक्ष बिपीनकुमार शाह, प्रबंधकीय समिति अध्यक्ष एडवोकेट सुभाष मोहिते, संचालक सीए जनार्दन रणदिवे, बबनराव भेगड़े, सुभाष नाडे, डॉ. रमेश सोनवणे, सुभाष गांधी, मिलिंद वाणी, वैशाली छाजेड, निशा करपे, संजीव असवले, डॉ. विश्वनाथ जाधव, स्वीकृत तज्ञ संचालिका श्वेता ढमाळ, मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय भोंडवे सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर अमृत महोत्सव के बोधचिन्ह का अनावरण मान्यवरों के कर-कमलों से किया जाएगा। साथ ही मानसिक रूप से पीड़ित महिलाओं के लिए उल्लेखनीय सेवा कार्य करने वाले माऊली सेवा प्रतिष्ठान, अहिल्यानगर के संस्थापक सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. राजेंद्र धामणे एवं डॉ. सुचेता धामणे को पुणे पीपल्स पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार में ₹1 लाख 1 हजार का धनादेश, सम्मानपत्र एवं स्मृतिचिन्ह प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्य के सहकार आयुक्त एवं सहकारी संस्थाओं के निबंधक दीपक तावरे तथा सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के प्र-कुलगुरु डॉ. पराग काळकर प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे।

प्रबंधकीय समिति अध्यक्ष एडवोकेट सुभाष मोहिते ने कहा कि छोटे उद्यमियों, व्यापारियों और जमाकर्ताओं को भरोसेमंद मंच देने के उद्देश्य से 31 जनवरी 1952 को वसंत पंचमी के दिन पुणे पीपल्स बैंक की स्थापना की गई थी। यह बैंक केवल वित्तीय संस्था न रहकर समाजसेवा का एक विश्वस्त केंद्र बने, इसी भावना से इसकी शुरुआत हुई। बीते 74 वर्षों से बैंक निरंतर निष्ठा के साथ खाताधारकों की सेवा कर रहा है। अमृत महोत्सवी वर्ष के उपलक्ष्य में उपस्थितों के लिए विशेष मनोरंजन कार्यक्रम ‘संघर्षण वाया स्पृहा’ का भी आयोजन किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अब अमृत महोत्सवी वर्ष में बैंक का मुख्य कार्यालय स्वयं की 26 हजार वर्गफुट की भव्य इमारत में स्थानांतरित किया जाएगा।

बैंक के अध्यक्ष श्रीधर गायकवाड ने कहा कि संचालक मंडल के नेतृत्व में पिछले 17 वर्षों में बैंक का कुल व्यवसाय 400 करोड़ से बढ़कर 2750 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। बैंक की प्रमुख विशेषताओं में शून्य प्रतिशत एनपीए तथा सदस्यों को 12 से 15 प्रतिशत तक लाभांश शामिल है। मार्च 2026 तक कम से कम 500 करोड़ रुपये के व्यवसाय विस्तार का लक्ष्य रखा गया है, जबकि आगामी दो-तीन वर्षों में कुल व्यवसाय 5000 करोड़ रुपये तक ले जाने का संकल्प है। उन्होंने विश्वास जताया कि शीघ्र ही बैंक को डायरेक्ट मेंबरशिप एवं शेड्यूल्ड बैंक का दर्जा प्राप्त होगा।

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