
प्राचीन संहिता गुरुकुल में चरक संहिता पारायण
आयुर्वेद के 50 विद्यार्थियों की सहभागिता, वैद्य हरीश पाटणकर की पहल
पुणे विशाल समाचार:आयुर्वेद की आध्यात्मिक, धार्मिक एवं शास्त्रीय परंपराओं के संरक्षण हेतु प्राचीन संहिता गुरुकुल, सदाशिव पेठ, पुणे में एक ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। आयुर्वेदाचार्य वैद्य हरीश पाटणकर की संकल्पना से आयोजित इस विशेष उपक्रम में आयुर्वेद के 50 विद्यार्थियों ने लगातार आठ दिनों तक चरक संहिता का पारायण किया।
नववर्ष के शुभ अवसर पर पवित्र, मंगल एवं साधनामय वातावरण में आयोजित इस चरक पारायण यज्ञ में विद्यार्थियों ने आयुर्वेद शास्त्र के गहन अध्ययन के साथ आध्यात्मिक साधना का अनुभव प्राप्त किया। आयुर्वेदिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माने जाने वाले इस पारायण का समापन विद्यार्थियों के सम्मान समारोह के साथ किया गया।
समापन अवसर पर वैद्य अनंत धर्माधिकारी एवं वैद्य हरीश पाटणकर के करकमलों से विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर डॉ. स्नेहल पाटणकर, पंकज पाटणकर, डॉ. विवेक आंबरे तथा ज्ञानसंकुल विद्यार्थी संघ के छात्र उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान वैद्य संतोष सूर्यवंशी, वैद्य बावडेकर, वैद्य प्रयाग सेठिया, वैद्य चिन्मय फडके, वैद्य वैभव मेहता, संस्कृत भारती के माधव केळकर गुरुजी एवं वैद्य सुश्रुत गाडगीळ ने विद्यार्थियों को शास्त्रार्थ, साधना एवं आचारधर्म पर मार्गदर्शन किया।
इस अवसर पर वैद्य हरीश पाटणकर ने कहा कि “चरक पारायण जैसे उपक्रम आयुर्वेद के विद्यार्थियों में सेवाभाव, अनुशासन और साधना की भावना विकसित करने में अत्यंत सहायक होते हैं।”


