
एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (डब्ल्यूपीयू), की ओर से ‘भारत अस्मिता नेशनल अवार्ड’ घोषित
प्रो. डॉ. श्रीवर्धनी के. झा, ज्योतिमणि सेन्निमलाई, पद्मश्री डॉ. मोहन आगाशे और पद्म विभूषण उस्ताद अमजद अली खान को ३ फरवरी को सम्मानित किया जाएगा
रिपोर्ट: विशाल समाचार संवाददाता
स्थान:पुणे,महाराष्ट्र
दिनांक:31 जनवरी 2026
पुणे एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (डब्ल्यूपीयू) तथा एमआईटी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट ने २२ वे ‘भारत अस्मिता नेशनल अवार्ड’ की घोषणा की है. इस अवार्ड का मकसद नई पीढ़ी को उन लोगों के काम के बारे में बताना है जिन्होंने अलग अलग क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दिया है. साथ ही नई पीढ़ी को उनके नक्शेकदम पर चलने के लिए प्रेरित करना है. इस साल यह पुरस्कार बैंगलोर आईआईए के प्रो.डॉ. श्रीवर्धनी के. झा, युवा सांसद ज्योतिमणि सेन्नमलाई, जाने-माने कलाकार और मानसोपचार विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ. मोहन आगाशे तथा मशहूर क्लासिकल म्यूजिशियन और सरोज वादक पद्म विभूषण उस्ताद अमजद अली खान को दिया जाएगा. यह जानकारी एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आर.एम.चिटणीस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी.
इस मौके पर एमआईटी डब्ल्यूपीयू के चीफ बिलिफ ऑफिसर डॉ.दत्ता दंडगे मौजूद थे.
यह कार्यक्रम एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कार्याध्यक्ष तथा भारत अस्मिता राष्ट्रीय पुरस्कार कमिटी के कन्वीनर डॉ. राहुल विश्वनाथ कराड के अगुवाई में होने जा रहा है. कार्यक्रम मंगलवार ३ फरवरी २०२६ को शाम ४.३० बजे कोथरुड स्थित एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के ग्राउंड में होगा.
पुरस्कार समिति के चेयरमैन सीनियर साइंटिस्ट पद्म विभूषण डॉ.रघुनाथ माशेलकर, मशहूर कंप्यूटर एक्सपर्ट पद्म भूषण डॉ. विजय भटकर और एमआईटी डब्ल्यूपीयू के संस्थापक अध्यक्ष विश्वधर्मी प्रो.डॉ. विश्वनाथ दा. कराड के हाथो पुरस्कार का वितरण होगा. पुरस्कार के रूप में हर एक को ढाई लाख रुपये कैश, साइटेशन और मेमेंटो प्रदान करेंगे.
प्रो. डॉ. श्रीवर्धन के झा को उनकी वर्ल्ड क्लास रिसर्च और समाज पर सस्टेनेबल असर और मैनेजमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप के फील्ड में उनके खास काम के लिए भारत अस्मिता आचार्य श्रेष्ठ पुरस्कार दिया जाएगा. तमिलनाडु की युवा सांसद, एक बहादुर लीडर और सोशल एक्टिविस्ट ज्योतिमणि सेन्निमलाई को भारत अस्मिता जन प्रतिनिधि श्रेष्ठ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. जाने-माने वरिष्ठ अभिनेता पद्मश्री डॉ. मोहन आगाशे और सरोद वादन तथा भारतीय क्लासिकल को दुनिया भर में फैलाने के लिए भारत अस्मिता जन जागरण श्रेष्ठ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा.
यह पुरस्कार उन लोगों को सम्मानित करने के लिए है जिन्होंने अपने व्यवहार, विचारों, कामों और सेवा के जरिए देश का नाम रोशन किया है.



