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युरोजेनिटल कैंसर के बढ़ते मामलों को रोकना जरूरी डॉ. संजय कुलकर्णी का मत; विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर युरोकूल हॉस्पिटल में संवाद

युरोजेनिटल कैंसर के बढ़ते मामलों को रोकना जरूरी डॉ. संजय कुलकर्णी का मत; विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर युरोकूल हॉस्पिटल में संवाद

जनजागरूकता, समय पर निदान और उचित उपचार से कैंसर पर नियंत्रण संभव: डॉ. संजय कुलकर्णी

रिपोर्ट :विशाल समाचार संवाददाता 

स्थान:  पुणे,महाराष्ट्र

पुणे: मूत्रमार्ग से संबंधित प्रोस्टेट, किडनी, मूत्राशय और अंडकोष के कैंसर जैसे युरोजेनिटल कैंसर के मामले देशभर में तेजी से बढ़ रहे हैं, जो अत्यंत गंभीर और चिंताजनक स्थिति को दर्शाते हैं। हालांकि, यदि समय पर निदान किया जाए, तो आधुनिक चिकित्सकीय उपचारों की मदद से इन कैंसर पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता, नियमित स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना अत्यंत आवश्यक है, ऐसा अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त यूरोलॉजिस्ट एवं युरोकूल हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. संजय कुलकर्णी ने कहा।

विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर बानेर स्थित युरोकूल हॉस्पिटल में आयोजित मीडिया संवाद में डॉ. कुलकर्णी ने यह जानकारी दी। इस अवसर पर भारत की पहली महिला लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. ज्योत्स्ना कुलकर्णी, रोबोटिक सर्जन डॉ. अमित होसरमनी, यूरोऑन्को सर्जन डॉ. रोहित देशपांडे एवं डॉ. उदय चंदनखेडे, बानेर-बालेवाड़ी मेडिकोज़ एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. राजेश देशपांडे, युरोकूल के प्रशासनिक अधिकारी डॉ. प्रमोद भावे उपस्थित थे।

डॉ. कुलकर्णी ने कहा, “प्रोस्टेट कैंसर में पेशाब करते समय रुकावट, बार-बार पेशाब आना, और मूत्राशय के कैंसर में पेशाब में रक्त आना प्रमुख लक्षण होते हैं। लेकिन अक्सर शुरुआती चरण में ये लक्षण स्पष्ट नहीं दिखते। इसलिए 50 वर्ष की आयु के बाद नियमित जांच कराना जरूरी है। जीवनशैली में बदलाव, धूम्रपान, तंबाकू का सेवन, मोटापा और शारीरिक गतिविधियों की कमी कैंसर के बढ़ते मामलों के मुख्य कारण हैं। इसलिए ‘दुखने पर ही डॉक्टर के पास जाएँ’ वाली मानसिकता को छोड़कर समय पर डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। देर होने पर उपचार जटिल हो सकते हैं।”

डॉ. अमित होसरमनी ने रोबोटिक सर्जरी पर, डॉ. रोहित देशपांडे ने किडनी और अन्य कैंसर पर, तथा डॉ. उदय चंदनखेडे ने कैंसर जनजागरूकता और निवारक उपायों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2045 तक दुनिया भर में कैंसर से प्रभावित लोगों की संख्या 3 करोड़ 26 लाख से अधिक हो जाएगी, और कैंसर से होने वाली मृत्यु लगभग 2.75 करोड़ तक पहुंच सकती है।

यूरोलॉजी और किडनी संबंधित रोगों के उपचार के लिए महाराष्ट्र राज्य की महात्मा फुले जनआरोग्य योजना युरोकूल हॉस्पिटल में लागू है। इसके अंतर्गत पात्र और जरूरतमंद मरीज इसका लाभ ले सकते हैं, ऐसा डॉ. राजेश देशपांडे ने कहा।

कैंसर के बारे में गलतफहमियों को दूर कर समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाने की आवश्यकता है। कैंसर का मतलब अंत नहीं है; उचित उपचार, सकारात्मक मानसिकता और परिवार का सहयोग मिलने पर मरीज सामान्य जीवन जी सकता है, ऐसा आशावादी संदेश डॉ. ज्योत्स्ना कुलकर्णी ने दिया।

डॉ. कुलकर्णी का इंदौर में सम्मान

यूरोलॉजी में उल्लेखनीय और महत्वपूर्ण योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त यूरोलॉजिस्ट एवं युरोकूल हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. संजय कुलकर्णी का इंदौर (मध्य प्रदेश) में सम्मान किया गया। 59वें वार्षिक अधिवेशन में यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ़ इंडिया द्वारा डॉ. संजय कुलकर्णी को ‘यूएसआई मेडल’ से नवाजा गया। 6000 यूरोलॉजिस्ट के संगठन द्वारा प्राप्त यह सम्मान युरोकूल और पुणे के लिए गर्व की बात है। डॉ. संजय कुलकर्णी ने कहा कि यह सम्मान उन्हें और जोश के साथ काम करने के लिए प्रेरित करेगा।

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