
वणंद में माता रमाई आंबेडकर की जयंती उत्साह के साथ मनाई गई
बार्टी की ओर से सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
रिपोर्ट:विशाल समाचार संवाददाता
स्थान;पुणे ,महाराष्ट्र
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था (बार्टी), पुणे की ओर से त्यागमूर्ति माता रमाई भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर 7 फरवरी को वणंद (तहसील दापोली) में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सामाजिक जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से माता रमाई आंबेडकर के संघर्षमय जीवन और योगदान को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस कार्यक्रम का सुचारु आयोजन बार्टी के महासंचालक सुनील वारे, निबंधक विशाल लोंढे तथा विस्तार, सेवा एवं जनसंपर्क विभाग प्रमुख डॉ. बबन जोगदंड के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर एवं माता रमाई आंबेडकर के चित्र पर पुष्पहार अर्पित कर की गई।
जयंती महोत्सव के अवसर पर नागरिकों एवं अनुयायियों के लिए रियायती दरों पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर एवं अन्य महापुरुषों के महत्वपूर्ण ग्रंथों और पुस्तकों की बिक्री की व्यवस्था की गई थी। इस पुस्तक विक्रय केंद्र का उद्घाटन भारतीय बौद्ध महासभा के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. भीमराव यशवंतराव आंबेडकर ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर भारतीय बौद्ध महासभा के महासचिव एस. के. भंडारे भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “मैं रमाई बोलती हूँ” शीर्षक एकल नाट्य प्रयोग रहा, जिसमें प्रेरणा खरात ने माता रमाई आंबेडकर के संघर्षपूर्ण जीवन को अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद शाहीर शाहिद खेरटकर एवं उनके दल द्वारा “क्रांति की पगडंडियाँ” कार्यक्रम के अंतर्गत संविधान गीतों एवं भीम गीतों की प्रस्तुति दी गई, जिससे उपस्थित जनसमूह में जोश और उत्साह का संचार हुआ।
इस अवसर पर डॉ. भीमराव आंबेडकर ने माता रमाई आंबेडकर के सामाजिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए बार्टी द्वारा किए जा रहे विविध उपक्रमों की सराहना की और रमाई जयंती समारोह के उत्कृष्ट आयोजन के लिए संस्था को बधाई दी। प्रारंभ में प्रास्ताविक भाषण में विभाग प्रमुख डॉ. बबन जोगदंड ने बताया कि बार्टी के महासंचालक सुनील वारे के मार्गदर्शन में माता रमाई के संघर्षमय जीवन से जुड़ी घटनाओं पर अनुसंधान हेतु विशेष शोध परियोजनाएं भी प्रारंभ की गई हैं।

कार्यक्रम में भंते सुमेध बोधी, भंते कौडिण्य, भंते सारिपुत्र, भंते आनंद, भंते प्रज्ञाज्योति, रत्नागिरी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बाबुराव महामुनी, दापोली के पुलिस निरीक्षक तोरसकर, सरपंच संजना दैवघरकर, पुलिस पाटील सोनाली काटे सहित अनेक मान्यवर उपस्थित रहे। साथ ही बार्टी के अधिकारी-कर्मचारी, भारतीय बौद्ध महासभा के पदाधिकारी, समता सैनिक दल के सैनिक, समतादूत, विभिन्न जिलों से आए अनुयायी तथा वणंद गांव के बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
वणंद एवं आसपास के क्षेत्र के नागरिकों ने इस जयंती समारोह को उत्स्फूर्त प्रतिसाद दिया।


